दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई : 27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर

रायपुर

27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में दुर्ग जिले में आयोजित पहली जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 27 प्रकरणों की सुनवाई की गई। आयोग ने पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी मामलों में पक्षों को सुनकर आवश्यक समझाइश, विधिक सहायता और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान 3 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।

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जनसुनवाई में आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सुश्री दीपिका शोरी तथा सरला कोसरिया भी उपस्थित रहीं। यह आयोग की प्रदेश स्तर पर तीसरी जनसुनवाई थी।

आयोग ने एक दहेज प्रताड़ना प्रकरण में मामला प्रथम दृष्टया उचित पाए जाने पर महिला थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में दोनों पक्षों की सहमति से बच्चे से मिलने की व्यवस्था तय कराई गई तथा महिला को न्यायालय में भरण-पोषण का दावा प्रस्तुत करने और आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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कुछ प्रकरणों में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सखी सेंटर, निःशुल्क विधिक सहायता, तथा आवश्यक होने पर संबंधित थानों में अपराध दर्ज कराने के विकल्पों की जानकारी दी। न्यायालय में विचाराधीन मामलों में आयोग ने विधिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया।

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जनसुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से भेंट कर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर चर्चा की। आयोग ने संबंधित विभागों के समन्वय से मामलों के प्रभावी निराकरण पर विशेष जोर दिया।

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