उत्तराखंड में बारिश का कहर: भूस्खलन से 140 सड़कें बंद, अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट

 देहरादून

उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे समेत 140 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। बिगड़ते हालात और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों (28-29 जुलाई) के लिए रोक दिया। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में सोमवार देर रात से ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गई थी। मंगलवार सुबह होते-होते सड़कें बाधित होने और भूस्खलन की खबरें आने लगीं। मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई के लिए भी राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दून में पुल की एप्रोच रोड बही, मलबे से रेस्तरां ध्वस्त
देहरादून में नंदा की चौकी के पास पुल की एप्रोच रोड पानी के तेज बहाव में बह गई। हालांकि शाम को क्षतिग्रस्त रोड को सही कर आवाजाही शुरू करा दी गई। वहीं मसूरी में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक रेस्तरां ध्वस्त हो गया।

सभी महकमे चौबीस घंटे अलर्ट मोड पर रहें: मुख्यमंत्री
उत्तराखंड में वर्षा और आपदा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को चौबीस घंटे सातों दिन अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार तड़के आपदा प्रबंधन सचिव से राज्य की स्थिति का जायजा लिया। अफसरों को स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में एक क्षण की देरी नहीं हो।

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मुख्यमंत्री ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए हेली सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्गम और प्रभावित क्षेत्रों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने राज्य में भारी बारिश के कारण बाधित सड़क मार्गों को जेसीबी और पोकलेन जैसी मशीनों के जरिए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोलने को कहा है। साथ ही, धामी ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं धरातल पर उतरकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए। उधर, आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी सचिव से वर्षा से उत्पन्न स्थिति का अपडेट लिया।

अगले दो दिन भारी
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि अगले दो दिन प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बीते 24 घंटे में देहरादून जिले में कुल 95.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मालदेवता में 233 मिमी वर्षा हुई। हाथीबड़कला में 194.5 मिमी, देहरादून शहर में 107 मिमी, मोहकमपुर में 97.5 मिमी और रायवाला में 63.5 मिमी बारिश हुई। दून का अधिकतम तापमान सोमवार के 31.7 डिग्री सेल्सियस से करीब चार डिग्री गिरकर मंगलवार को 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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केदारनाथ हाईवे ठप रहा, यमुनोत्री पैदल मार्ग धंसा
केदारनाथ हाईवे पर जगह-जगह बोल्डर आने से यातायात ठप रहा। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास नदी के बढ़े जलस्तर के कारण लगभग 25 से 30 मीटर लंबा रास्ता दो से 2.5 मीटर तक धंस गया है। रुद्रप्रयाग में तिलवाड़ा-सुमाड़ी पुल के नीचे लकड़ी इकट्ठा करने गई तीन महिलाएं नदी का जलस्तर बढ़ने से फंस गईं। कड़ी मशक्कत के बाद महिलाओं को निकाला गया।

बदरीनाथ हाईवे कंचन नाला के पास बाधित
गोपेश्वर। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे सोमवार रात्रि बारिश के कारण बदरीनाथ के पास कंचन नाला उफान पर आने से मंगलवार को भी बाधित रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि इस हाईवे को सुचारु कराया जा रहा है। भारी वर्षा के कारण और दो दिनों तक चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है‌। जिलेभर में बारिश से 21 सम्पर्क मार्ग अवरुद्ध हुए हैं।

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यमुनोत्री पैदल मार्ग का तीस मीटर हिस्सा बारिश से धंसा
बड़कोट,संवाददाता। जिले में बारिश के चलते यमुनोत्री यात्रा पर मौसम की मार जारी है। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से लगभग 25 से 30 मीटर पैदल मार्ग 2 से 2.5 मीटर तक धंस गया है।

प्रतिकूल मौसम को देख यमुनोत्री की यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। लाेनिवि बड़कोट के अनुसार, यहां शीघ्र वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाया जाएगा। उधर, केदारनाथ हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा आने से आवाजाही दिनभर बंद रही। कुंड और मुनकटिया में बोल्डर को चार घंटे के बाद हटाया जा सका।

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