राम माधव का बड़ा बयान: राजनीतिक कारणों से RSS का किया जा रहा विरोध

नई दिल्ली 
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच मतभेदों की अटकलों को खारिज करते हुए पार्टी और संघ के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कहा कि दोनों संगठन एक ही वैचारिक परिवार के अंग हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, “ये अटकलें समय-समय पर लगाई जाती हैं। अगर किसी को कोई मुद्दा नहीं मिलता, तो RSS को बीच में लाकर कहा जाता है कि RSS और BJP में तनाव है। RSS और BJP एक वैचारिक परिवार से जुड़े हुए दो संगठन हैं।”

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उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय है, जबकि संघ राजनीति से बाहर रहकर सामाजिक सेवा के माध्यम से काम करता है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच कोई तनाव नहीं है।

राम माधव का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर स्वतंत्रता दिवस 2025 के संबोधन में RSS की प्रशंसा करने को लेकर निशाना साधा था। कांग्रेस ने इसे संविधान का अपमान बताया था। इसके जवाब में राम माधव ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणादायी था और इसने संघ की 100 वर्षों की सेवा को मान्यता दी।

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उन्होंने कहा, “कुछ लोग राजनीतिक कारणों से RSS का विरोध करते हैं। कांग्रेस के कुछ नेता भी लंबे समय से यही करते रहे हैं। लेकिन हर कोई जानता है कि RSS राजनीति से दूर रहकर समाज व धर्म के लिए काम करता है, अच्छे नागरिक तैयार करता है। निचले स्तर पर संगठन में हर पृष्ठभूमि के लोगों को काम करने का अवसर मिलता है।”

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राम माधव ने यह भी कहा कि इसमें कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले लोग भी शामिल हैं, लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि RSS का विरोध करने से उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा।

इससे पहले RSS के वरिष्ठ नेता अरुण कुमार ने भी कहा था कि भाजपा और संघ आपसी विश्वास के साथ काम करते हैं और दोनों अपने-अपने स्वतंत्र प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ते हैं।

 

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