रोहतक रॉयल्स ने इतिहास रचा: पहले कबड्डी चैंपियंस लीग में भिवानी बुल्स को 32–30 से हराया

सोनीपत
 हरियाणा के राय स्थित खेल विश्वविद्यालय के खचाखच भरे स्टेडियम में कबड्डी चैंपियंस लीग का शानदार समापन हुआ। यहां रोहतक रॉयल्स ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में भिवानी बुल्स को 32-30 से हराकर केसीएल के पहले चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। भिवानी बुल्स के देवांक दलाल को रेडर ऑफ द मैच और भिवानी बुल्स के ही परवेश मलिक को डिफेंडर ऑफ द मैच चुना गया।

भिवानी बुल्स के लिए देवांक दलाल ने बोनस अंक लेकर खाता खोला, लेकिन रोहतक की ओर से विजय मलिक और राकेश सिंह ने आक्रामक रेड के दम पर बढ़त बना ली। शुरुआती दौर में रोहतक ने पहला ऑल-आउट कर 9–3 की बढ़त ले ली। हालांकि देवांक की बेखौफ रेड और सौरव की वापसी ने भिवानी को मुकाबले में बनाए रखा। पहले हाफ तक रोहतक 20–16 से आगे था।

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दूसरे हाफ में मैच पूरी तरह रणनीतिक जंग में बदल गया। परवेश मलिक ने हाई-5 पूरा कर भिवानी को बढ़त दिलाई, जबकि रोहतक ने संयमित खेल दिखाया। चोट के बावजूद देवांक ने संघर्ष जारी रखा और टीम को अंत तक मुकाबले में रखा।

आखिरी पलों में राकेश सिंह की समझदारी भरी रेड और संदीप नरवाल के लगातार सफल टैकल निर्णायक साबित हुए। अंतिम सेकंडों में दो महत्वपूर्ण डिफेंस ने रोहतक की जीत पक्की कर दी। फाइनल मुकाबले को देखने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार सहित कई खेल प्रशासक मौजूद रहे। सभी ने लीग को जमीनी स्तर पर कबड्डी को मजबूत मंच देने वाला बताया।

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जीत के बाद विजय मलिक ने कहा कि टीम ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और कड़ी मेहनत का फल मिला। मुख्य कोच सुरेंद्र नाडा ने बताया कि टीम की रणनीति मजबूत डिफेंस और देवांक को नियंत्रित करने पर केंद्रित थी, जो सफल रही।

 

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