धार में बदला सार्वजनिक शौचालय का नाम, छावा देख हिंदराज युवा संगठन का विरोध, औरंगजेब शौचालय का पोस्टर चस्पा

धार
'छावा' फिल्म की कहानी से प्रेरित हो हिंदराज युवा संगठन धार के कुछ युवाओं ने  शहर के त्रिमूर्ति चौराहे स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय पर "औरंगजेब शौचालय" का पोस्टर चस्पा कर दिया था। साथ ही मूत्रालय पर औरंगजेब के फोटो भी लगा दिए थे।

इन युवाओं ने इसका वीडियो तैयार किया था, जो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद प्रशासन और पुलिस को जानकारी मिली। रविवार की शाम को ही शौचालय से पोस्टर और औरंगजेब के फोटो हटा दिए गए। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
सार्वजनिक शौचालय का बदला नाम

ये भी पढ़ें :  मध्य प्रदेश की जेलों को लेकर नया कानून, किया जा रहा प्रवधान, अब जेलों में मिलेगा दूध, दही और सलाद भी

    हिंदराज युवा संगठन के संस्थापक पंकज जाधव ने बताया कि हमने इसमें कोई गलत काम नहीं किया है। हमें फिल्म 'छावा' के माध्यम से यह जानकारी मिली कि किस प्रकार औरंगजेब ने हिंदुओं पर अत्याचार किए थे और धार्मिक स्थानों को नष्ट किए थे।
    इसी विरोध में हमने धार के त्रिमूर्ति नगर चौराहा स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय पर औरंगजेब शौचालय नाम का एक पोस्टर लगाया था। इसके साथ ही मूत्रालय पर औरंगजेब के फोटो लगाए थे, जिससे एक गंदे स्थान पर एक गंदे व्यक्ति का प्रतीक प्रदर्शित किया जा सके।"

ये भी पढ़ें :  इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट: आदिवासी किसानों की 131 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित, मुआवजे में असमानता पर उठे सवाल

पुलिस ने हटा दिया पोस्टर

उन्होंने आगे कहा कि "हमने इसका वीडियो बनाया और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पुलिस को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने यह पोस्टर और फोटो हटा दिए। हमारा उद्देश्य यह था कि फिल्म 'छावा' के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जाए। औरंगजेब के कृत्यों के बारे में आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचे।"

इसी विरोध में, हमने धार के त्रिमूर्ति नगर चौराहा स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय पर औरंगजेब शौचालय नाम का एक पोस्टर लगाया था।

ये भी पढ़ें :  आईआईए के नैटकॉन-2025 के उपलक्ष्य में वीआईटी मेों पौधरोपण, 300 पौधों के साथ बायोडायवर्सिटी पार्क ट्रांसोम की शुरुआत

इसके साथ ही मूत्रालय पर औरंगजेब के फोटो लगाए थे, ताकि एक गंदे स्थान पर एक गंदे व्यक्ति का प्रतीक प्रदर्शित किया जा सके।' उन्होंने आगे कहा- 'हमने इसका वीडियो बनाया और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पुलिस को इसकी जानकारी मिली।

पुलिस ने हटाए पोस्टर
इसके बाद पुलिस ने यह पोस्टर और फोटो हटा दिए। हमारा उद्देश्य यह था कि फिल्म 'छावा' के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जाए और औरंगजेब के कृत्यों के बारे में आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचे।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment