संसद ठप कराने में बड़ी पार्टियों का दबदबा: कांग्रेस-टीएमसी के आगे छोटी पार्टियां बेअसर

नई दिल्ली.
बिहार के SIR को लेकर संसद में हंगामा थमने के आसार नहीं हैं। अब एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी गठबंधन INDIA के बड़े दलों ने छोटी पार्टियों की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें संसद चलने का तरीका खोजने की बात कही गई थी। हालांकि, किसी भी पार्टी ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। विपक्षी गठबंधन SIR पर चर्चा की मांग कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, INDIA गठबंधन के कुछ सदस्यों ने बड़े दलों से संसद चलने का तरीका खोजने की अपील की, लेकिन इस बात को खारिज कर दिया गया। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि मंगलवार सुबह INDIA गठबंधन की बैठक में CPM के जॉन ब्रिटास, RSDP के एनके प्रेमचंद और IUML के ईटी मोहम्मद बशीर ने सुझाव दिया कि संसद सत्र खाली नहीं जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें :  क्या 2026 बसपा के लिए सबसे बुरा साल होगा? 41 साल बाद संसद में मायावती की पार्टी हो सकती है शून्य

रिपोर्ट के अनुसार, इन सांसदों की याचिका को कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल जैसे बड़ी पार्टियों की तरफ से खारिज कर दिया गया। बड़े दलों का मानना है कि मतदाता सूची समीक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा से सरकार को बचने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। खबरें ये भी हैं कि विपक्ष ने आने वाले दिनों में ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है।

ये भी पढ़ें :  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनी

11 अगस्त को विपक्ष का मार्च
पहले विपक्षी दलों ने 8 अगस्त को चुनाव आयोग तक मार्च का फैसला किया था, लेकिन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण इसे बढ़ाकर 11 अगस्त कर दिया गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से दिए गए रात्रि भोज का कार्यक्रम 7 अगस्त को होने वाला है।

ये भी पढ़ें :  एमपी में दो पूर्व मंत्रियों समेत 11 विधायकों को मिला बड़ा दायित्व, बीजेपी ने बनाई 89 सदस्यीय जंबो टीम

इसके अलावा सोरेन के निधन के चलते कांग्रेस द्वारा मंगलवार को बेंगलुरु में किया जाने वाला विरोध प्रदर्शन अब आठ अगस्त को होगा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राहुल करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई थी। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है।

Share

Leave a Comment