बिजली बिल कम करने तथा खपत को नियंत्रित करने में मददगार साबित हुआ स्‍मार्ट मीटर

भोपाल 
केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों द्वारा लगाये गये स्मार्ट मीटर बेहतर कार्य कर रहे हैं। जहां-जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं।

रियल टाइम डेटा उपलब्‍ध
स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है। इससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में छूट भी दी जा रही है।

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रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं
उपभोक्‍ताओं को वा‍स्‍तविक समय में ऊर्जा खपत की सटीक तथा अद्यतन जानकारी मिल रही है, साथ ही रीडिंग में किसी तरह की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। उपभोक्‍ताओं के परिसर में जाकर रीडिंग लेने की जरूरत भी नहीं है, क्‍योंकि निर्धारित तिथि पर ऑटोमेटिक रीडिंग करके उपभोक्‍ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर बिल जारी किया जा रहा है।

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उपभोक्‍ता स्‍वयं खपत की निगरानी कर रहे
जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर निर्धारित समय पर तथा सटीक रीडिंग मिल रही है। उपभोक्‍ता स्‍वयं भी ऊर्जा खपत की निगरानी कर सकते हैं, इसके लिए हर 15 मिनट में डाटा अद्यतन हो रहा है, ताकि यह समझने में आसानी रहे कि किस समय कितनी ऊर्जा की खपत हुई है। अब बिजली खपत को नियंत्रित करने में आसानी हो रही है।

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बिलों में त्रुटि की संभावना नहीं
स्‍मार्ट मीटर से बिजली के बिलों में त्रुटि की संभावना बहुत कम हो गई है और बिजली की चोरी रोकने में भी स्‍मार्ट मीटर मददगार साबित हो रहे हैं। स्‍मार्ट मीटर वास्तविक समय में अपनी बिजली की खपत पर नज़र रखने में मदद करते हैं, जिससे उपभोक्‍ता स्‍वयं भी अपनी खपत को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। साथ ही गैरजरूरी उपकरणों को बंद करके ऊर्जा की बचत कर सकते हैं।

 

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