अहमदाबाद में प्लेन क्रेश होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के लिए कडे़ कदम

इंदौर
अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रेश होने के बाद पूरे देश के एयरपोर्ट और इसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था का सख्त तरीके से जायजा लिया जा रहा है. मध्य प्रदेश के एयरपोर्ट और खासकर इंदौर एयरपोर्ट क्षेत्र में विमानों की सुरक्षा के मद्देनजर विशेष सतर्कता और व्यापक तैयारी के निर्देश दिए गए हैं. विमान से पक्षियों के टकराने की आशंका रोकने के लिए जनजागरण अभियान चलाने के साथ ही रनवे के आसपास से वन्यजीवों को रीलोकेट करने के निर्देश दिए गए हैं.

वन विभाग और नगर निगम को मिले दिशा-निर्देश

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इंदौर में पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में एयरपोर्ट प्रबंधन और इंदौर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन किया. एयरपोर्ट प्रबंधन ने संभाग आयुक्त दीपक सिंह के समक्ष कुछ सवाल रखे. इसके बाद संभाग आयुक्त द्वारा वन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया. पंछियों के हवाई जहाज से टकराने के कारण होने वाले हादसे के संबंध में 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से अवेयरनेस का काम किया जाए. इसके अलावा नगर निगम के अधिकारियों को बिजासन टेकरी के मेला क्षेत्र के सफाई को लेकर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश दिए गए.

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एयरपोर्ट के आसपास से वन्य जीवों को रिलोकेट करेंगे

संभाग आयुक्त ने दीपक सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा "एयरपोर्ट के रनवे क्षेत्र में मिलने वाले सियार, जंगली बिल्ली जैसे वन्य जीवों के नियंत्रण हेतु विमानतल प्रबंधन की सहायता करें और इन जीवों को एयरपोर्ट से अन्य स्थानों पर रिलोकेट किया जाए." बता दें कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा के मद्देनजर नगर निगम द्वारा मानसून के पूर्व ही विमानतल क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई की गई है, जिसे समय-समय पर जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं.

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इंदौर एयरपोर्ट से कितनी फ्लाइट

गौरतलब है इंदौर एयरपोर्ट के आसपास घनी आबादी बस्ती है. वहीं आसपास के इलाकों में पेड़-पौधे और वन्यजीवों के आश्रय क्षेत्र भी हैं. इस कारण एयरपोर्ट प्रबंधन को इस विषय पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. एयरपोर्ट डायरेक्टर विपिन कांत सेठ का कहना है "इंदौर एयरपोर्ट से करीब 90 फ्लाइट की लैंडिंग और टेकऑफ होता है. सुरक्षा की दृष्टि से भी सभी प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है." 

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