नई दिल्ली अरावली क्षेत्र में खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम सुनवाई करते हुए साफ कहा कि अवैध खनन एक गंभीर अपराध है और इसके पर्यावरणीय असर भयानक और अपूरणीय हो सकते हैं. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की है और तब तक केंद्र व संबंधित राज्यों को अपनी-अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. शुरुआती चिंता के बिंदु सामने आए: CJI सुनवाई की शुरुआत में मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) से कहा कि कोर्ट ने…
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चंबल से अरावली तक खनन माफिया का आतंक, राजस्थान और एमपी में कानून बेबस, लोग डर के साये में
श्योपुर/जयपुर देश में अवैध रेत खनन का जिन्न एक बार फिर पूरी ताकत से बाहर आ चुका है. राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में रेत माफिया का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब न सिर्फ आम लोग, बल्कि पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं. जांच में सामने आया है कि बीजेपी शासित दोनों राज्यों में रेत माफिया खुलेआम दिनदहाड़े अवैध खनन और परिवहन कर रहा है. हालात इतने गंभीर हैं कि बीते एक हफ्ते में दो लोगों की मौत हो चुकी है,…
Read Moreअरावली मुद्दे पर कांग्रेस सख्त, प्रदर्शन में शामिल न होने वाले 8 जिलाध्यक्षों को भेजा जाएगा नोटिस
जयपुर अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर कांग्रेस ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि अरावली में अवैध खनन में बीजेपी के मंत्री और विधायक हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र को खनन माफियाओं के हवाले कर दिया है। डोटासरा ने कहा कि जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब अवैध खनन के खिलाफ सात दिन का अभियान चलाया गया था, लेकिन उसके बाद यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर…
Read Moreअरावली में माफिया राज, 15 साल में 50 हजार करोड़ का अवैध खनन, पूर्व डीएफओ का चौंकाने वाला खुलासा
अलवर राजस्थान के अलवर जिले में स्थित अरावली की पहाड़ियों में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद भिवाड़ी, टपूकड़ा, तिजारा और किशनगढ़बास क्षेत्र में अवैध खनन जारी है. लगातार हो रहे अवैध खनन से कई पहाड़ियों का नामो-निशान मिट चुका है. खनन माफिया इतने हावी हो गए हैं कि डीएफओ, पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव और फायरिंग तक कर देते हैं. पूर्व में अलवर में डीएफओ रहे पी. काथिरवेल ने अपने द्वारा किए गए अवैध खनन के आकलन में बताया कि भिवाड़ी क्षेत्र में खनन माफियाओं ने पिछले…
Read MoreSC ने माना मंत्रालय की 100 मीटर अरावली परिभाषा अस्पष्ट और खतरनाक, कहा भौगोलिक पहचान टूट सकती है
नई दिल्ली अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट और उसके द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के बीच गंभीर मतभेद सामने आए हैं। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित 100 मीटर ऊंचाई आधारित अरावली परिभाषा को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया, जबकि अदालत की अपनी ही संस्था सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC)ने इस परिभाषा का समर्थन नहीं किया था। 13 अक्टूबर को मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अरावली की नई परिभाषा पेश की थी। इसके ठीक अगले दिन, 14 अक्टूबर को सीईसी ने पीठ की…
Read Moreअरावली पर क्यों दिल्ली से राजस्थान तक छिड़ा विवाद, क्या हैं बढ़ती चिंताएं?
गुरुग्राम अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा ने दिल्ली से राजस्थान तक विरोध के सुर तेज कर दिए हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं को डर है कि बदली हुई परिभाषा देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली के इकोलॉजिकल संतुलन को बिगाड़ सकती है। नई परिभाषा के अनुसार केवल उसी भू-आकृति को अरावली पहाड़ियों में शामिल किया जाएगा, जो अपने स्थानीय धरातल से कम से कम 100 मीटर ऊंची हो। अरावली रेंज ऐसी दो या दो से ज्यादा पहाड़ियों का समूह है जो एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर…
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