बच्‍चों की लघु नाटिका प्रस्‍तुत: अंगुलियों और अंगूठें की लड़ाई में हथेली की समझाइश

भोपाल लघु नाटिका की शुरुआत पांच उंगलियों से हुई जो आपस में बहस कर रही थीं, प्रत्येक कह रही थी कि मैं महान हूँ। "मैं महान हूँ!" "नहीं, मैं महान हूँ!" उंगलियाँ अपनी सामूहिक शक्ति से अनजान, बहस करती रहीं। तभी हथेली वहाँ आई और इस हलचल को देखकर मुस्कराई। नर्म मुस्कान के साथ, हथेली ने उंगलियों को धीरे से समझाया कि वे व्यक्तिगत रूप से महान नहीं हैं, बल्कि एक साथ मिलकर एक शक्तिशाली मुट्ठी बनाती हैं। "तुम साथ में काम करने पर मजबूत हो, अलग-अलग नहीं," इस बात…

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