खंडवा क्या आपने कभी ऐसे शहर के बारे में सुना है, जहां लाखों मेहमान आएं और उन्हें अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च न करना पड़े. जहां पूरा शहर मेजबान बन जाए, सड़कों पर भंडारे लग जाएं, चाय-नाश्ता, भोजन, 56 पकवान, दवा, ठहरने की व्यवस्था और सेवा के लिए हजारों हाथ अपने आप आगे बढ़ जाएं. यह कोई कल्पना नहीं बल्कि गुरु- शिष्य परंपरा के अनूठे धाम दादाजी धूनीवाले महाराज के दरबार और अद्भुत शहर खंडवा की पहचान है. दादाजी धूनीवाले दरबार में 27 से 29 जुलाई तक चल…
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