भोपाल भोपाल शहर में नामांतरण कराने वालों के लिए खबर है। अब एमओयू, अनुबंध या पार्टनरशीप के दस्जावेजों को नामांतरण का आधार नहीं बनाया जाएगा। प्रशासन की ओर से तहसील कार्यालयों को इसे लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। रजिस्टर्ड डीड की बजाय अन्य दस्तावेज लगाकर नामांतरण के लिए आ रहे आवेदनों की संख्या व स्थिति देखने के बाद ये निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश समेत जिले में नामांतरण के लिए खरीद-बिक्री की रजिस्डर्ट डीड, विरासत दस्तावेज, गिफ्ट डीड, वसीयत, विभाजन, कोर्ट आदेश, पट्टा या अधिकार पत्र को आधार…
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