बिलासपुर. जगदलपुर के ढाई दशक पुराने बहुचर्चित फर्जी वेतन आहरण और भ्रष्टाचार के मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में विफल रहा। केवल संदेह के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। मामला जगदलपुर स्थित स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 1979 से 1985 के बीच कथित रूप से फर्जी वेतन बिल बनाकर सरकारी राशि निकालने से जुड़ा था, जिसमें करीब 42 हजार रुपये के गबन का आरोप था। अभियोजन के अनुसार,…
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