जीआई टैग का उपयोग कर रतलामी सेव की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में बनाएं पहुंच : मंत्री काश्यप

भोपाल  एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार कश्यप ने उद्यमियों से अपील की है कि वे जीआई टैग का अधिकतम उपयोग कर रतलामी सेव के उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करें। सबका प्रयास हो कि रतलामी सेव के नाम के साथ काम भी विश्व स्तरीय हो।’एक जिला एक उत्पाद यानि ओ डीओ पी’ योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।मंत्री  काश्यप रविवार को रतलाम में एक जिला एक उत्पाद समिट 2026 को संबोधित कर रहे थे।समिट में…

Read More

मध्य प्रदेश में अब तक बालाघाट का ‘चिन्नौर’ धान और रीवा का ‘सुंदरजा’ आम ही जीआइ टैग प्राप्त कर पाए

भोपाल  मध्य प्रदेश के दो पारंपरिक कृषि उत्पादों बालाघाट के चिन्नौर धान और रीवा के सुंदरजा आम को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है. इससे इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है. विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से इन दोनों उत्पादों का पंजीयन कराया गया. चिन्नौर धान के लिए 60 किसानों और सुंदरजा आम के लिए 20 किसानों का समिति में पंजीयन किया गया है। ‘किसी…

Read More

मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग

मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार मध्यप्रदेश की सम्पदा खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, छतरपुर फर्नीचर, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे क्रॉफ्ट को मिला जी आई टैग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री  काश्यप ने माना आभार और अधिकारियों को दी बधाई  पद्म रजनीकांत ने बताया ऐतिहासिक पल भोपाल  भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की 5 बहुत ही प्राचीन शिल्प कला को जीआई टैग के द्वारा भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार होने का गौरव प्राप्त…

Read More

अरहर दाल बदल देगी बुंदेलखंड की किस्मत, अब मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, GI टैग की प्रक्रिया शुरू

चित्रकूट  बुंदेलखंड क्षेत्र में पैदा होने वाली अरहर की दाल को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने वाली है। इसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जीआई टैग मिलने के बाद किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी, जिससे उनकी आय में दोगुनी बढ़ोतरी होगी। 4 जिलों में अरहर की खेती का बना नया रिकॉर्ड बुंदेलखंड में चित्रकूटधाम मंडल के चार जिले- हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट- अरहर की दाल की पैदावार के लिए एक बड़ा केंद्र…

Read More