मेहसाणा/बाड़मेर जीरा और सौंफ भारत में सबसे ज़्यादा उगाए जाने वाले दो मसालों हैं. इतना ही नहीं, जीरा और सौंफ एशिया में सबसे ज्यादा भारत में ही उगते हैं. जीरा और दोनों ही घरेलू मसाले हैं, जिनका हर घर में इस्तेमाल होता है. जीरा और सौंफ को लेकर गुजरात और राजस्थान के किसानों के बीच विवाद छिड़ गया है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) रजिस्ट्री ने गुजरात के मेहसाणा जिले से जुड़े ‘ऊंझा जीरा’ और ‘ऊंझा सौंफ़’ को GI टैग दिया. GI रजिस्ट्रेशन का मकसद किसी…
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देश में पहली बार एक साथ 12 उद्यानिकी फसलों को मिला जी आई टैग
देश में पहली बार एक साथ 12 उद्यानिकी फसलों को मिला जी आई टैग वर्ष 2030 तक उदानिकी फसलों का क्षेत्र 30 लाख हेक्टेयर तक बढ़ेगा भोपाल मध्यप्रदेश ने इतिहास बनाते हुए एक साथ 12 उद्यानिकी फसलों के लिए जी आई टैग हासिल करने में सफलता हासिल की है। देश में यह पहली बार हुआ है जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में जीआई टैग मिला है। इनमें गुना का धनिया, नरसिंहपुर बरमान घाट का बेंगन, बैतूल गजरिया आम, खरगौरी की लाल मिर्च, मांडू की खुरसानी इमली, जबलपुर का मटर,…
Read Moreमध्यप्रदेश की चार कृषि उपजों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर, छत्रिय धान को मिला जीआई टैग
भोपाल प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के चलते जब किसानों की समृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है मध्य प्रदेश को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मध्यप्रदेश की चार कृषि उपजों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर एवं छत्रिय धान को जीआई टैग मिल गया है। महाकौशल के किसानों ने प्रसन्नता जाहिर की है। इन कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के लिए संकल्पित है। उनकी आय दोगुनी करने के लिए विशेष कार्यक्रम बनाए…
Read Moreअलीगढ़ की धातु मूर्तियों को मिला GI टैग, उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान बरकरार रखा
अलीगढ़ अलीगढ़ की विश्व प्रसिद्ध धातु मूर्तियों को आधिकारिक तौर पर जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) टैग मिल गया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने चार नए जीआई टैग हासिल कर कुल 83 अंकों के साथ देश में पहला स्थान बरकरार रखा है। इसे अलीगढ़ की पारंपरिक शिल्पकला और स्थानीय कारीगरों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अलीगढ़ ब्रास स्टेचू एंड आर्टवेयर सप्लायर एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमंत राम गांधी ने बताया कि उनकी एसोसिएशन ने जीआई मैन ऑफ इंडिया के रूप में विख्यात पद्मश्री डॉ. रजनी कांत के…
Read Moreजीआई टैग का उपयोग कर रतलामी सेव की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में बनाएं पहुंच : मंत्री काश्यप
भोपाल एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने उद्यमियों से अपील की है कि वे जीआई टैग का अधिकतम उपयोग कर रतलामी सेव के उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करें। सबका प्रयास हो कि रतलामी सेव के नाम के साथ काम भी विश्व स्तरीय हो।’एक जिला एक उत्पाद यानि ओ डीओ पी’ योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।मंत्री काश्यप रविवार को रतलाम में एक जिला एक उत्पाद समिट 2026 को संबोधित कर रहे थे।समिट में…
Read Moreमध्य प्रदेश में अब तक बालाघाट का ‘चिन्नौर’ धान और रीवा का ‘सुंदरजा’ आम ही जीआइ टैग प्राप्त कर पाए
भोपाल मध्य प्रदेश के दो पारंपरिक कृषि उत्पादों बालाघाट के चिन्नौर धान और रीवा के सुंदरजा आम को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है. इससे इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है. विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से इन दोनों उत्पादों का पंजीयन कराया गया. चिन्नौर धान के लिए 60 किसानों और सुंदरजा आम के लिए 20 किसानों का समिति में पंजीयन किया गया है। ‘किसी…
Read Moreमध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग
मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार मध्यप्रदेश की सम्पदा खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, छतरपुर फर्नीचर, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे क्रॉफ्ट को मिला जी आई टैग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री काश्यप ने माना आभार और अधिकारियों को दी बधाई पद्म रजनीकांत ने बताया ऐतिहासिक पल भोपाल भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की 5 बहुत ही प्राचीन शिल्प कला को जीआई टैग के द्वारा भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार होने का गौरव प्राप्त…
Read Moreअरहर दाल बदल देगी बुंदेलखंड की किस्मत, अब मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, GI टैग की प्रक्रिया शुरू
चित्रकूट बुंदेलखंड क्षेत्र में पैदा होने वाली अरहर की दाल को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने वाली है। इसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जीआई टैग मिलने के बाद किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी, जिससे उनकी आय में दोगुनी बढ़ोतरी होगी। 4 जिलों में अरहर की खेती का बना नया रिकॉर्ड बुंदेलखंड में चित्रकूटधाम मंडल के चार जिले- हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट- अरहर की दाल की पैदावार के लिए एक बड़ा केंद्र…
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