जयपुर राजस्थान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य वन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी लेपर्ड को 'आदमखोर' घोषित कर उसे मारने की अनुमति देना आसान नहीं होगा। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के.सी.ए. अरुणप्रसाद द्वारा जारी की गई नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में स्पष्ट किया गया है कि लेपर्ड को 'आदमखोर' श्रेणी में डालने के लिए अब पुख्ता वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों की आवश्यकता होगी। बिना फॉरेंसिक जांच नहीं होगा फैसला नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी लेपर्ड पर इंसानों पर हमला…
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नए साल 2026 में VDTR में शिफ्ट होंगे चीते, करोड़ों के बजट को मिली मंजूरी
सागर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) में चीता प्रोजेक्ट अब साकार होने की दहलीज पर है। लंबे समय से प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से अटका यह प्रोजेक्ट 2026 में गति पकड़ेगा। शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद तैयारियों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि निर्माण कार्य मार्च तक पूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद जुलाई तक चीतों की शिफ्टिंग हो सकेगी। 5.20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एए अंसारी ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत शासन द्वारा 5.20…
Read Moreकूनो से निकले दो चीते, मानपुर के गांवों में मचाई हलचल — कुत्ते और ग्रामीण लगे पीछे
श्योपुर. मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।…
Read Moreनौरादेही में बसेंगे अफ्रीकन चीते, बाघ और चीते की साझा दहाड़ गूंजेगी जंगल में, 600 वर्ग किमी क्षेत्र में बसेंगे अफ्रीकन चीते
सागर मध्य प्रदेश का वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, एक ऐसा जंगल है जहां बाघों की दहाड़ गूंजती है, हिरणों की छलांगें दिखती हैं और पेड़ों की छांव में सैकड़ों कहानियां छुपी हैं. लेकिन अब इस जंगल की पहचान और भी खास होने वाली है. क्योंकि यहां आने वाले हैं अफ्रीका से आए मेहमान, यानी रफ्तार के सौदागर चीते.वन्यजीव विशेषज्ञों की एक टीम ने नौरादेही का दौरा किया उन्होंने यहां के मोहली, सिंगपुर और झापन रेंज में करीब 600 वर्ग किलोमीटर का इलाका चुना जहां चीतों का नया घर बनाया…
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