लंदन विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में लिंडा नोस्कोवा ने जब लगातार पांच मैच प्वाइंट गंवाए, तब किसी ने नहीं सोचा था कि 21 वर्षीय चेक खिलाड़ी वापसी कर इतिहास रच देंगी। बाथरूम ब्रेक के दौरान ट्रॉफियों पर नजर डालने से उन्हें प्रेरणा मिली और उन्होंने तीसरे सेट में नए जोश के साथ वापसी की। उन्होंने हमवतन करोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीता। नोस्कोवा ने मैच के बाद बताया कि बाथरूम जाते समय उनकी नजर वीनस रोजवाटर डिश और उपविजेता की…
Read More
