महाभारत काल की जब भी बात होती है, तो अक्सर वीर पुरुषों के नाम और उनके पराक्रम की कहानियां ही सामने आती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस समय कुछ ऐसी वीर और शक्तिशाली स्त्रियां भी थीं, जिनकी अद्भुत शक्तियां इतिहास के पन्नों में कहीं दबकर रह गईं. आखिर कौन थीं ये स्त्रियां और क्यों इनकी चर्चा कम होती है, आइए जानते हैं. 1. हिडिंबा इसमें सबसे पहला नाम आता है हिडिंबा का. वह एक भयानक राक्षस हिडिंब की बहन थी और खुद भी कई मायावी शक्तियों की…
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महाभारत के 5 बड़े छल: जिन्होंने बदल दी युद्ध की दिशा
महाभारत केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि यह धर्म और अधर्म, नीति और राजनीति, प्रेम और प्रतिशोध की जटिल गाथा है. इस महाकाव्य में कई ऐसे मोड़ आए, जहां युद्ध केवल शक्ति से नहीं बल्कि रणनीति और छल से भी लड़ा गया था. कुछ घटनाएं ऐसी हैं, जिन्हें इतिहास के सबसे बड़े धोखे या रणनीतिक चाल कहा जाता है. इन घटनाओं ने न सिर्फ युद्ध की दिशा बदली, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गहरे सवाल भी छोड़ दिए. आइए जानते हैं महाभारत के ऐसे ही 5 प्रमुख धोखों के…
Read Moreमहाभारत के 5 महान योद्धा जिन्हें सीधे युद्ध में नहीं हराया जा सका
इसमें कोई शक नहीं कि महाभारत काल में पृथ्वी पर ऐसे-ऐसे योद्धा मौजूद थे, जिनकी ताकत देवताओं से भी अधिक मानी जाती थी. जब महाभारत का युद्ध शुरू हुआ, तो कौरव और पांडव, दोनों पक्षों के लिए इन महारथियों को हराना लगभग नामुमकिन था. यही वजह थी कि धर्म की जीत सुनिश्चित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण को कई बार रणनीति, छल और युक्ति का सहारा लेना पड़ा. अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को हराना संभव नहीं था और शायद पांडव कभी…
Read Moreकर्म सिद्धांत का रहस्य: महाभारत की कथा में श्रीकृष्ण ने समझाया जीवन का न्याय
अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि आखिर भगवान दुनिया में न्याय कैसे करते हैं? क्योंकि कई बार बुरा काम करने वाले लोग सुख, धन और सफलता का आनंद लेते नजर आते हैं, जबकि सच्चे-अच्छे इंसान संघर्ष और दुखों से घिरे रहते हैं? क्या ईश्वर वास्तव में पक्षपात करते हैं, या इसके पीछे कोई गहरा नियम छिपा है? हिंदू धर्म और शास्त्रों में कर्म और उसके फल का सिद्धांत बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इसी सत्य को समझाने के लिए महाभारत की एक कथा हमें जीवन के हर…
Read Moreमहाकाल नगरी उज्जैन में महाभारत का ‘युद्ध विज्ञान’ जीवंत, पहली बार प्रदर्शित 100+ अस्त्र-शस्त्र
उज्जैन महाभारत, जिसे विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य और भारतीय युद्ध विज्ञान का मूल स्रोत माना जाता है, अब उज्जैन में शोध आधारित अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शनी के रूप में जीवंत हो उठा है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में सजी इस प्रदर्शनी का शुभारंभ महाशिवरात्रि पर हुआ, जो 19 मार्च तक देशभर के दर्शकों के लिए खुली रहेगी। उद्देश्य, महाभारत को धार्मिक आख्यान से आगे बढ़ाकर भारतीय सैन्य परंपरा, व्यूह रचना और रणनीतिक चिंतन के वैज्ञानिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना है। प्रदर्शनी में महाभारत युद्ध में वर्णित 100 से अधिक…
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