रीवा महाकुंभ को लेकर एक बार फिर उत्तर प्रदेश वह मध्य प्रदेश के सीमा चाकघाट पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। कल सुबह से जहां धीमी गज से वाहनों को रवाना किया जा रहा था वही सुबह 9 बजे तक वाहनों के पहिए थम गए हैं। इसके कारण तकरीबन 5 किलोमीटर का लंबा जाम अब तक लग चुका है। श्रद्धालुओं तथा महाकुंभ में जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए जिला प्रशासन एक बार फिर जिले के चार स्थानों पर मिशन हाईवे…
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Mahakumbh 2025 : जैकेट पहने कर्मचारी श्रद्धालुयों को क्यूआर कोड स्कैन कराकर महाकुंभ-2025 का एप डाउनलोड कराएंगे
कानपुर महाकुंभ-2025 को दिव्य-भव्य बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन से लेकर ट्रेनों के प्लेटफॉर्म तक हर जगह महाकुंभ की झलक दिखेगी। जैकेट पहने कर्मचारी क्यूआर कोड स्कैन कराकर महाकुंभ-2025 का एप डाउनलोड कराएंगे। हर प्लेटफॉर्म पर ये कर्मचारी तैनात रहेंगे। महाकुंभ की महत्ता बताती व्यवस्थाओं सुविधाओं के स्लोगन भगवा होंगे। शिवा अवस्थी, कानपुर। केंद्र व प्रदेश सरकार महाकुंभ-2025 को दिव्य-भव्य केवल स्लोगन तक ही नहीं, हकीकत में दिखाएगी। सेंट्रल स्टेशन, ट्रेनों से प्लेटफार्मों पर जैकेट पहने कर्मियों के माध्यम से…
Read Moreमहाकुंभ 2025 के निर्माण कार्यों से बढ़ी प्रयागराज में होटल और होम स्टे की मांग
महाकुंभ 2025 के निर्माण कार्यों से बढ़ी प्रयागराज में होटल और होम स्टे की मांग Mahakumbh 2025 :प्रयागराज में न केवल संगम क्षेत्र बल्कि पूरे शहर में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर पूरे शहर, आस-पास एवं मेला क्षेत्र में कई निर्माण कार्य चल रहे प्रयागराज सनातन आस्था के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में दिव्य, भव्य, नव्य और ग्रीन बनाने के कार्य प्रयागराज में जोर-शोर से चल रहे हैं। प्रयागराज में न केवल संगम क्षेत्र बल्कि…
Read Moreमहाकुंभ-2025 से पहले योगी सरकार प्रयागराज के तीर्थों का युद्धस्तर पर कर रही कायाकल्प
प्रयागराज महाकुंभ-2025 को लेकर योगी सरकार प्रयागराज के तीर्थों का कायाकल्प करने में युद्धस्तर पर जुटी है। श्रद्धालुओं को कुंभ नगरी की भव्यता और नव्यता का दिव्य दर्शन करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने भारी भरकम बजट का ऐलान किया है। अक्षयवट का बड़ा पौराणिक महत्व है। मान्यता के अनुसार, संगम स्नान के पश्चात 300 वर्ष पुराने इस वृक्ष के दर्शन करने के बाद ही स्नान का फल मिलता है। इसलिए तीर्थराज आने वाले श्रद्धालु एवं साधु संत संगम में स्नान करने के बाद इस अक्षयवट के दर्शन करने जाते…
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