निवाड़ी देशभर में आज यानि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में लोग नर्मदा, शिप्रा, बेतवा नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इसी क्रम में रामराजा नगरी ओरछा में भी आस्था का सैलाब उमड़ा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेतवा नदी में डुबकी लगाने पहुंचे. साथ ही बेतवा नदी के किनारे लगे मेले का लोग आनंद ले रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए. ओरछा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब मकर संक्रांति के अवसर पर मध्य प्रदेश…
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मकर संक्रांति पर सूर्यास्त के बाद क्या करें और क्या न करें? जानिए शुभ-अशुभ नियम
मकर संक्रांति का पर्व हर साल माघ माह में सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. आज मकर संंक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं. उत्तरायण का काल देवताओं का माना जाता है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान का बहुत विशेष महत्व माना गया है. इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और जप-तप करने से अक्षय पुण्य प्राप्त…
Read Moreमकर संक्रांति से पहले गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़, खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू
गोरखपुर मकर संक्रांति 2026 को लेकर लोगों में भ्रम था कि इसे 14 जनवरी को मनाया जाए या फिर 15 जनवरी को। ज्योतिषाचार्यों ने भ्रम की इस स्थिति को खत्म करते हुए बता दिया है कि सूर्य 14 जनवरी यानी आज रात 9 बजकर 35 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार संक्रांति का पर्व उदया तिथि के आधार पर यानी अगले दिन 15 जनवरी को मान्य होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में होने वाला सार्वजनिक अवकाश…
Read Moreमकर संक्रांति आज या कल? तारीख को लेकर क्यों है भ्रम
मकर संक्रांति को लेकर इस साल लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह पर्व आज यानी 14 जनवरी 2026 को मनाया जाए या फिर 15 जनवरी 2026 को. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति आज और कल दोनों दिन मनाई जा रही है. इसके पीछे ज्योतिष, पंचांग, परंपरा और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े कई कारण हैं. आइए आसान भाषा में पूरे मामले को समझते हैं. क्यों है तारीखों को लेकर कंफ्यूजन? मकर संक्रांति तब मनाई जाती है जब सूर्य धनु राशि…
Read Moreमकर संक्रांति पर स्नान न किया तो क्या होती है सजा?
मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में शुभ प्रवेश का प्रतीक है, जो उसकी उत्तर दिशा की यात्रा का संकेत देता है. हिंदू परंपरा में सूर्य की इस गति को बढ़ती रोशनी, गर्मी और नई ऊर्जा से जोड़ा जाता है इसलिए इस त्योहार को शारीरिक शुद्धि, मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक उत्थान के लिए एक शक्तिशाली समय माना जाता है. मकर संक्रांति का त्योहार को लेकर इस बार कंफ्यूजन की स्थिति हुई. कई जगह आज मनाया जा रहा और कई जगह कल मनाया जाएगा. ऐसे में जानते हैं कि इस त्योहार…
Read Moreमकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने शिप्रा और नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट-सेठानी घाट पर दान-पुण्य
नर्मदापुरम / उज्जैन/जबलपुर/खंडवा/खरगोन उज्जैन में मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से श्रद्धालु स्नान के लिए शिप्रा नदी के रामघाट सहित दत्त अखाड़ा घाट और अन्य घाटों पर स्नान कर रहे हैं। रामघाट पर सुबह से ही ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को तिल के तेल से स्नान कराया गया. वही पुण्य सलिला शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पौष मास के शुक्ल पक्ष की…
Read Moreअब 54 साल नहीं बदलेगी तारीख! 15 जनवरी को ही क्यों मनेगी मकर संक्रांति, जानिए खगोलीय कारण
नई दिल्ली ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी की रात्रि 9:39 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन को ही मकर संक्रांति कहा जाता है। इस वर्ष संक्रांति का पुण्यकाल लगभग 16 घंटे तक रहेगा, जो अगले दिन सूर्योदय के बाद 15 जनवरी की दोपहर तक माना जाएगा। क्यों बदलती है मकर संक्रांति की तिथि? ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य के राशि परिवर्तन में हर वर्ष लगभग 20 मिनट की देरी होती है। इस प्रकार 3 वर्षों में लगभग 1 घंटे का…
Read Moreमकर संक्रांति 15 जनवरी को क्यों? एकादशी समेत दो बड़े कारण
भारत में त्योहारों की तिथि को लेकर अक्सर असमंजस की स्थिति रहती है, और इस बार मकर संक्रांति 2026 को लेकर भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. ज्योतिषविदों के अनुसार, इस साल मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाना अधिक श्रेष्ठ बताया जा रहा है. लेकिन आखिर ऐसा क्यों है? इसके पीछे दो सबसे बड़े ज्योतिषीय कारण हैं और साथ ही एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो पूरे 23 साल बाद आया है. आइए जानते हैं. सूर्य का गोचर और पुण्य काल का समय ज्योतिष…
Read Moreरात 9:19 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, संक्रांति का भ्रम ऐसे करें दूर
इस साल मकर संक्रांति 2026 को लेकर कंफ्यूजन है क्योंकि कहा जा रहा है कि 14 की जगह 15 जनवरी को ये त्योहार मनाना ज्यादा शुभ रहेगा. इसको लेकर सबसे बड़े दो तर्क दिए जा रहे हैं कि 14 जनवरी को षटतिला एकादशी है, जिसके चलते अन्न दान नहीं किया जा सकता है और दूसरा सूर्य देव मकर राशि में रात 9 बजकर 13 मिनट पर प्रवेश कर रहे हैं, ऐसे में उदया तिथि यानी 15 जनवरी को ही स्नान, ध्यान, दान करना उचित माना जा रहा है. इन सब…
Read Moreमकर संक्रांति पर खिचड़ी का विशेष महत्व क्यों? जानिए धार्मिक परंपरा और ज्योतिषीय कारण
हर साल माघ माह में सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इस साल 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में इस साल ये पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा. पूरे देश में इस त्योहार को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान भी किया जाता है. इस त्योहार को खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है. उत्तर भारत के…
Read Moreमकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों…
Read Moreमकर संक्रांति पर बुधादित्य राजयोग, सूर्य-बुध की युति से इन 3 राशियों को मिलेगा शुभ फल
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी बड़े ग्रह किसी न किसी पर्व या त्योहार पर कोई न कोई शुभ योग का निर्माण करते हैं, जिसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है. इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. विशेष बात यह है कि इसी दिन सूर्य और बुध 100 साल बाद एक साथ मकर राशि में आकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण करेंगे. यह योग कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है. मान्यतानुसार, इस राजयोग से अचानक धन लाभ, तरक्की और भाग्य का साथ प्राप्त…
Read Moreमकर संक्रांति पर काले तिल के करें 6 उपाय, ग्रह दोषों से मिलेगा छुटकारा!
आमतौर पर मकर संक्रांति का पर्व हर साल 14 जनवरी के दिन मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू धर्म के बड़े पर्वों में से एक है। ज्योतिष गणना के मुताबिक मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य देवगुरु बृहस्पति की धनु राशि से निकल कर अपने पुत्र की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। इस दिन के बाद से उनकी चाल उत्तर की तरफ हो जाती है। इसे ही सूर्य का उत्तरायण कहते हैं। यह दिन दान, पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खास माना जाता है। खासकर इस दिन काले…
Read Moreमकर संक्रांति के बाद चमकेगा भाग्य, इन राशियों पर बरसेगी मंगल की विशेष कृपा
मकर संक्रांति के बाद ग्रहों के सेनापति मंगल राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल का गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। यह गोचर कुछ राशियों के लिए भाग्योदय का संकेत देगा, वहीं कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मंगल गोचर 2026 की तिथि और समय ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार— 16 जनवरी 2026, भोर 4 बजकर 27 मिनट पर मंगल ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल 23 फरवरी 2026, दोपहर 11 बजकर 49 मिनट तक मकर राशि में गोचर…
Read Moreमकर संक्रांति के बाद लगेगा पंचग्रही योग, कुछ राशियों की बढ़ेगी परेशानी
नए साल यानी 2026 की महीना चल रहा है। इस साल ग्रहों की चाल में कई बदलाव होंगे। एक ऐसा ही बदलाव मकर संक्रांति के कुछ दिनों बाद होगा। इस दौरान पांच ग्रह मकर राशि से गुजरेंगे। इस दौरान पंचग्रही राजयोग का निर्माण होगा। ग्रहों की इस परिवर्तन की वजह से कई राशियों की जिंदगी में बहुत सारे बदलाव लाएंगे। हालांकि कुछ राशियों की परेशानियां भी बढ़ेगी। चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति कब है और किन राशियों पर क्या असर पड़ेगा। पंचांग के मुताबिक इस साल यानी 2026 में…
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