ज्ञान भारतम् मिशन की बड़ी खोज, बुरहानपुर में मिली 220 साल पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि

भोपाल  बुरहानपुर निवासी आदित्य हरिकृष्ण शर्मा के पास से 220 वर्ष पुरानी टीका मिली है। विक्रम संवत 1862 (1805–1806 ईस्वी ) की हस्तलिखित यह टीका कागज पर अंकित है। यह संस्कृत व्याकरण और सुलेखन की दृष्टि से अद्वितीय है। एकरूपी लेखनबद्धता एवं शब्दों की व्यवस्थित लिखावट से प्रतीत होता है कि यह किसी प्रशिक्षित विद्वान लेखक द्वारा लिखी गई थी। राजस्थान, ब्रज एवं मालवा बोलियों संग्रह मध्य प्रदेश के पुरातत्व आयुक्त मदन कुमार नागरगोजे ने बताया कि पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रारंभ किए गए ज्ञान भारतम् मिशन…

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अम्बिकापुर : ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेः पांडुलिपियों में निहित ज्ञान परंपरा को बचाने का राष्ट्रीय अभियान छत्तीसगढ में भी शुरू

अम्बिकापुर : ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेः पांडुलिपियों में निहित ज्ञान परंपरा को बचाने का राष्ट्रीय अभियान छत्तीसगढ में भी शुरू अम्बिकापुर  भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में “ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण” संचालित किया जा रहा है। इस महत्त्वपूर्ण पहल का उद्देश्य देशभर में बिखरी अमूल्य पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में छत्तीसगढ में भी इस सर्वेक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह सर्वेक्षण उन…

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