नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र हंगामेदार रहा. लोकसभा में चर्चा के लिए 120 घंटे का समय तय था, लेकिन चर्चा हुई महज 37 घंटे ही. इसमें भी बड़ा हिस्सा ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का है. मॉनसून सत्र के अंतिम दिन एक निर्दलीय सदस्य ने सदन में गतिरोध के लिए सांसदों के वेतन में कटौती की मांग करते हुए संसद भवन परिसर में प्रोटेस्ट किया. केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव के निर्दलीय सांसद उमेश पटेल ने गुरुवार को एक बैनर लेकर प्रोटेस्ट किया. उमेश पटेल ने मांग की है…
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