दंतेवाड़ा. बस्तर में एक बार फिर संसाधनों के दोहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सरकार जहां नक्सल मुक्त बस्तर और औद्योगिक विकास की बात कर रही है, वहीं बस्तर का लौह अयस्क और पानी दूसरे राज्यों के उद्योगों की ताकत बन रहा है. किरंदुल की खदानों से रोजाना हजारों टन लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन के जरिए बाहर भेजा जा रहा है. साथ ही शबरी नदी और मदाड़ी नाले का पानी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में उपयोग हो रहा है. बताया जा रहा है कि आंध्रप्रदेश में लगने वाला विशाल…
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