उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से आई यह कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देती है। अकेलेपन और भविष्य की चिंता ने 65 वर्षीय राकेश यादव को ऐसा फैसला लेने पर मजबूर किया, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा है। राकेश यादव ने जीते-जी अपनी ही तेरहवीं कर डाली। उन्होंने करीब 1900 लोगों को इस अनोखे भोज में आमंत्रित किया, ताकि उनके मरने के बाद होने वाले सभी संस्कारों का “झंझट” पहले ही खत्म हो जाए। निमंत्रण पत्र भी उतना ही भावुक था निमंत्रण पत्र…
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