परंपरा और स्वावलंबन की अनूठी मिसाल बनी बालाघाट की मती खान

भोपाल  हाउस ऑफ़ तसल्ली स्टार्टअप- राफ्टएंडरसन प्रायवेट लिमिटेड के प्रयास और “विमेन वीव” के सहयोग से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के मेहंदीवाड़ा (वारा सिवनी) गांव की बुनकर मती नसीबा खान अपने करघे से परंपरा और स्वावलंबन की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उनके हाथों से हाथ-कांते ऑर्गेनिक कपास पर बुना गया स्टोल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि सादगी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना का प्रतीक है। इसमें बुना गया चरखे का मोटिफ महात्मा गांधी के स्वदेशी और महिला स्वावलंबन के विचारों को समर्पित है। करीब 2 दिनों के अथक श्रम…

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