सतना में तहसीलदार के रीडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया

सतना
 एमपी में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकारी एजेंसियां भ्रष्टाचार की शिकायत पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। इसके बावजूद भी अधिकारी रिश्वत लेने से बाज नही आ रहे हैं। ताजा मामला सतना जिले का है, जहां आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) का बड़ा एक्शन हुआ है। ईओडब्ल्यू की टीम ने तहसीलदार के रीडर को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा है।

दरअसल सतना जिले की बिरसिंहपुर तहसील कार्यालय में बुधवार की दोपहर रीडर राकेश त्रिपाठी को 4 हजार रुपए रिश्वत लेते ईओडब्लू रीवा की टीम ने रंगे हांथो धर दबोचा है। रीडर द्वारा जमीन बंटवारे के आवेदन पर कार्यवाही करने के एवज में घूस की रकम मांगी गई थी। राकेश त्रिपाठी, तहसीलदार परमसुख बंसल के रीडर के तौर पर पदस्थ है। ट्रैपिंग की पूरी कार्यवाही ईओडब्लू निरीक्षक मोहित सक्सेना के नेतृत्व में की गई।

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जमीन बंटवारे के लिए मांगी थी रिश्वत

टीआई मोहित सक्सेना ने बताया कि किसान नीलेश कुमार लोधी ने अपनी पारिवारिक जमीन बंटवारे का आवेदन 3 सितंबर 2024 को तहसील कार्यालय बिरसिंहपुर में लगाया था। तहसीलदार से आदेश कराने के बदले रीडर राकेश त्रिपाठी ने किसान से 5 हजार रुपये मांगे थे। लेकिन रीडर और शिकायतकर्ता दोनों के बीच में चार हजार में सहमति बन गयी थी। इस बीच शिकायतकर्ता ने तंग आकर इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू में कर दी। शिकायत की पुष्टि के बाद बुधवार को फरियादी किसान ने तहसील कार्यालय में रीडर को बुला कर जैसे ही 4 हजार रुपये रिश्वत के दिए, वैसे ही ईओडब्लू की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

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बीस दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है ईओडब्ल्यू टीम की ने 20 दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्यवाही है। 17 जनवरी को ईओडब्लू की टीम ने बिरसिंहपुर तहसील के ही आरआई को जमीन के सीमांकन के बदले 40 हजार की रिश्वत लेते सतना सर्किट हाउस में रंगे हाथों पकड़ा था।

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