उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में तेज़ी, थावरचंद गहलोत का नाम भी चर्चा में

भोपाल
 उपराष्ट्रपति जगदीप धनखंड के इस्तीफे के बाद रेस में कई नाम हैं। सियासी गलियारों में उन नामों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। इस रेस में मध्य प्रदेश के भी एक दिग्गज नेता का नाम है। वह केंद्र की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। अभी कर्नाटक के राज्यपाल हैं। चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में उम्मीदवार के नाम जल्द ही आ जाएंगे। अभी एमपी से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का नाम भी चल रहा है। पॉलिटिक्ल अनुभवों के साथ-साथ सियासी समीकरण में भी फिट बैठते हैं।
अभी कर्नाटक के राज्यपाल हैं थावरचंद गहलोत

थावरचंद गहलोत एमपी के सीनियर नेता हैं। केंद्र की राजनीति में शुरू से सक्रिय रहे हैं। अभी कर्नाटक के राज्यपाल हैं। उन्हें उपराष्ट्रपति पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उनके राजनीतिक अनुभव और जाति के समीकरण को भी ध्यान में रखा जा रहा है। इससे उनका नाम इस दौड़ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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रतलाम के रहने वाले हैं थावरचंद गहलोत

थावरचंद गहलोत का राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट से शुरू हुआ है। वह राजनीतिक और जातिगत समीकरणों में फिट बैठते हैं। उनके पास राज्यसभा का लंबा अनुभव है। वह राज्यसभा में सदन के नेता भी रह चुके हैं। इसके अलावा, वह मोदी सरकार में दो बार केंद्रीय मंत्री रहे हैं। वह बीजेपी की सबसे बड़ी संसदीय समिति के सदस्य भी रहे हैं।

अनुसूचित जनजाति से आते हैं गहलोत

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77 साल के गहलोत अनुसूचित जनजाति से आते हैं। इस वजह से जातिगत समीकरणों में भी वह फिट बैठते हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी किसी समर्पित कार्यकर्ता को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बना सकती है। थावरचंद गहलोत उनमें से एक हो सकते हैं।

1980 में बने थे पहली बार विधायक

थावरचंद गहलोत 1980 में पहली बार मध्य प्रदेश में विधायक बने थे। 1990 में वह एमपी सरकार में राज्यमंत्री बन गए। 1996 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने। वहीं 1998 से 2004 तक लगातार लोकसभा सांसद रहे हैं। 2012 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए। 2018 में फिर से राज्यसभा गए। 2014 में मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। 2019 में केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ राज्यसभा में वह सदन के नेता भी बने। 2021 में कर्नाटक के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद से पद पर बने हुए हैं।

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पीएम मोदी के गुड बुक में हैं गहलोत

थावरचंद गहलोत को पीएम मोदी का करीबी माना जाता है। उनके पास राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ बीजेपी में भी बड़ी जिम्मेदारियां निभाने का अनुभव है। वह बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर पूर्व भारत के प्रभारी भी रह चुके हैं। इसके अलावा, वह बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे हैं।हालांकि थावरचंद गहलोत के साथ अन्य भी कई नामों की चर्चा है। मध्य प्रदेश से वह अकेले हैं, जिनके नाम की चर्चा है। हालांकि अंतिम निर्णय बीजेपी और एनडीए गठबंधन को लेना है कि उनका संयुक्त उम्मीदवार कौन होगा।

 

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