संजू सैमसन की धमाकेदार फॉर्म का खुला राज, रवि शास्त्री ने बताया कैसे बरपा रहे हैं बल्ले से कहर

नई दिल्ली
भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने संजू सैमसन के मानसिक दृढ़ता की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि इस अनुभवी बल्लेबाज ने मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन में निरंतरता और बेहतर शॉट चयन की जरूरत को समझते हुए अपनी परिपक्वता साबित कर दी है। सलामी बल्लेबाज सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 42 गेंदों में 89 रन बनाकर भारत को गुरुवार को सात रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई थी।

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शास्त्री ने 'द आईसीसी रिव्यू' में कहा, ''मुझे लगता है कि आखिरकार उन्हें यह अहसास हो रहा है और वह इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें अपने प्रदर्शन में अधिक निरंतरता की जरूरत है। उन्हें अपने शॉट चयन में अधिक समझदारी दिखानी होगी और अपने मजबूत पक्षों पर भरोसा करना होगा। संजू के साथ दिक्कत यह है कि उनके पास हर तरह के शॉट हैं, लेकिन एकाग्रता में कमी है।''

उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि वह मानसिक रूप से मजबूत हो गया है। जब से वह टीम में आया है तब से किसी ने भी उसकी काबिलियत या प्रतिभा पर शक नहीं किया। लोग इस बात से निराश हैं कि उनके प्रदर्शन में अब तक जो निरंतरता दिखनी चाहिए थी वह नहीं दिख रही है। लेकिन अब वह परिपक्व हो गया है।'' फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

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सैमसन के सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा की फॉर्म फाइनल से पहले भारत के लिए चिंता का विषय है। अभिषेक टी20 विश्व कप में सात पारियों में केवल 89 रन ही बना पाए हैं, लेकिन शास्त्री का मानना ​​है कि भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज को ही मौका देना चाहिए।

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शास्त्री ने कहा, ''मुझे लगता है कि उन्हें टीम में बनाए रखना चाहिए। टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उसमें किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है। टीम को अपनी क्षमता, अपने मजबूत पक्षों पर भरोसा करना चाहिए। उसे बेखौफ होकर खेलना चाहिए।''

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