पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड के ढेर होने पर पीड़ित परिवार ने ली राहत की सांस

इंदौर 

जम्मू-कश्मीर में पहलगाम नरसंहार के मास्टरमाइंड के मारे जाने से मृतकों के परिवारों को खुशी और राहत मिली है. पीड़ितों में एक परिवार मध्य प्रदेश के इंदौर का है. पहलगाम आतंकी हमले में सुशील नथानियल को खोने वाले छोटे भाई ने आतंकियों के मारे जाने पर खुशी जताई. हालांकि, कहा कि उनका परिवार इस दुःख से उबरने की कोशिश कर रहा है.

पहलगाम हमले के 'मास्टरमाइंड' माने जा रहे सुलेमान उर्फ आसिफ और उसके दो साथियों को सोमवार को जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके के जंगलों में 'ऑपरेशन महादेव' के तहत सेना के शीर्ष पैरा कमांडो ने मार गिराया.

ये भी पढ़ें :  पंडित दीरेंद्र शास्त्री ने जातिगत जनगणना को देश को बांटने वाला विषय बताया

22 अप्रैल को आतंकवादियों ने कश्मीर के 'मिनी स्विट्जरलैंड' यानी पहलगाम के एक प्रमुख पर्यटन स्थल बैसरन पर हमला किया, जिसमें 26 लोग मारे गए. मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे, जिनमें इंदौर निवासी सुशील नथानियल (58) भी शामिल थे. उनके छोटे भाई विकास कुमरावत ने आतंकी मास्टरमाइंड के मारे जाने पर खुशी जताई.

कुमरावत ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, "हम लंबे समय से सोच रहे थे कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी अभी तक पकड़े क्यों नहीं गए? सेना द्वारा इस हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराए जाने की खबर से हम बेहद खुश और राहत महसूस कर रहे हैं. यह कार्रवाई हमारी सरकार और सेना की एक विशेष उपलब्धि है."

ये भी पढ़ें :  संतोष चौबे होंगे कर्मवीर सम्मान–2026 से सम्मानित

हालांकि, उन्होंने कहा कि आतंकी हमले में उनके बड़े भाई की मौत के जख्म उनके परिवार के लिए अभी भी ताजा हैं और नरसंहार के तीन महीने से भी ज्यादा समय बाद वे इस दुःख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं.

कुमरावत ने कहा, "मेरा भाई अब कभी हमारे पास नहीं लौट पाएगा, लेकिन सरकार और सेना द्वारा (पहलगाम हमले के बाद) की गई कार्रवाई हमारे लिए संतोष की बात है।"

ये भी पढ़ें :  चश्मदीद का खुलासा : पहलगाम में 26 लोगों की हत्या के बाद आतंकियों ने मनाया था जश्न

नथानियल इंदौर से लगभग 200 किलोमीटर दूर अलीराजपुर में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में मैनेजर थे. वह अपनी पत्नी जेनिफर, बेटी आकांक्षा और बेटे ऑस्टिन उर्फ गोल्डी के साथ कश्मीर घूमने गए थे. 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment