लखनऊ आउटर रिंग रोड पर 261 कैमरों से होगी ट्रैफिक निगरानी

 लखनऊ
आउटर रिंग रोड पर अब ट्रैफिक कैमरे की नजर में रहेगा। इसके लिए कुल 261 कैमरे लगाए गए हैं और ट्रैफिक की लगातार निगरानी के लिए माती फ्लाईओवर के पास कंट्रोल रूम बनाया गया है। खास बात यह है कि ओवर स्पीड से चलने वाले वाहनों को पहले चेतावनी दी जाएगी। चेतावनी के बाद भी न सुधरने पर एएनपीआर कैमरों के जरिए उनका चालान कट जाएगा। किसी यात्री को सहायता की जरूरत पड़ने पर उस तक तुरंत मदद भी पहुंचाई जा सकेगी। करीब 104 किमी लंबे आउटर रिंग रोड पर यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने पूरे रूट को एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) से लैस कर दिया है। इसके तहत व्हीकल इमिडिएट डिटेक्शन एंड इनफोर्समेंट सिस्टम (वीईडीआईएस), वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड (वीएमएसबी) और व्हीकल एक्चुएटेड स्पीड डिस्प्ले (वीएएसडी) लगाए गए हैं। सभी सिस्टम को जमीन के नीचे बिछाई गई ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ा गया है, जिन्हें अब माती फ्लाईओवर के पास बनाए गए अस्थाई कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है। यह काम इसी महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा और अगस्त से आउटर रिंग रोड से गुजरने वाले सभी वाहन कैमरे की नजर में रहेंगे。

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रफ्तार सीमा और नियम
आउटर रिंग रोड पर छोटे वाहनों की अधिकतम रफ्तार 100 और बड़े वाहनों की 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। अगर कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलेगा, तो पहले उसे डिस्प्ले बोर्ड के जरिए चेतावनी दी जाएगी। चेतावनी न मानने पर एएनपीआर कैमरे उसकी फोटो खींचकर कंट्रोल रूम को भेज देंगे। इसके बाद कंट्रोल रूम यह जानकारी ट्रैफिक पुलिस के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को भेजेगा, जहां से चालान जनरेट हो जाएगा। आउटर रिंग रोड पर कोई भी हादसा या जाम होने की सूचना भी सीधे आईटीएमएस तक पहुंचेगी, जिससे उस क्षेत्र में तैनात ट्रैफिक पुलिस तुरंत जरूरी कदम उठा सके।

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सूचना और कैमरे
आउटर रिंग रोड पर कुल 14 वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड (वीएमएसबी) भी लगाए गए हैं, जिन पर ट्रैफिक की स्थिति से जुड़े संदेश दिखाकर लोगों को सूचित किया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर आगे कहीं जाम है तो बोर्ड पर उसका मैसेज दिखेगा। इसी तरह किसी हादसे या अन्य किसी वजह से ट्रैफिक बाधित होने की सूचना भी डिस्प्ले के जरिए तुरंत मिल जाएगी। पूरे रूट पर कुल 160 ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे लगाए गए हैं जो मार्ग की निगरानी करेंगे, 57 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे ओवरस्पीड वाहनों का चालान जनरेट करेंगे, 22 ओवरव्यू कैमरे पूरे क्षेत्र पर नजर रखेंगे और 22 ऑटो ट्रैफिक काउंटर एंड क्लासिफाइड कैमरे गुजरने वाले वाहनों की गणना करेंगे।

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अगले कदम
एनएचएआई के पीडी नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया, "आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक की लगातार निगरानी के लिए कैमरों सहित अन्य सिस्टम लगा दिए गए हैं। सभी को माती फ्लाईओवर के पास बनाए गए अस्थाई कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है। यह काम अगले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। अगस्त महीने से सभी सिस्टम सक्रिय कर दिए जाएंगे, जिससे आउटर रिंग रोड से गुजरने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा सके। आपात स्थिति के लिए चार एंबुलेंस और चार क्यूआरटी भी सक्रिय हैं।

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