विराट कोहली का टेस्‍ट करियर समाप्‍त, 7 मई को लेना चाहते थे संन्‍यास, BCCI ने इंतजार करने को कहा तहा: रिपोर्ट

नई दिल्‍ली
विराट कोहली का टेस्‍ट करियर 12 मई 2025 को समाप्‍त हुआ। पूर्व भारतीय कप्‍तान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्‍स पर एक इमोशनल पोस्‍ट के साथ टेस्‍ट क्रिकेट से विदाई ली। कोहली ने 123 टेस्‍ट में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। याद दिला दें कि विराट कोहली ने 2024 में टी20 वर्ल्‍ड कप खिताब जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्‍यास लिया था। अब वो केवल वनडे प्रारूप में खेलते हुए नजर आएंगे। पता हो कि 7 मई को रोहित शर्मा ने टेस्‍ट प्रारूप से संन्‍यास की घोषणा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक कोहली भी इसी दिन संन्‍यास की घोषणा करना चाहिते थे।

ये भी पढ़ें :  पीएम सूर्यघर योजना में लखनऊ की एक रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन में पहली बार सामुदायिक सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना

हालांकि, रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कोहली को अपना फैसला सार्वजनिक करने से पहले इंतजार करने की सलाह दी गई थी क्‍योंकि ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्‍तान के साथ सेना विवाद छाया हुआ था। भारत और पाकिस्‍तान के बीच 10 मई को सीजफायर की घोषणा हुई।
 
कोहली को क्‍यों रोका गया
रिपोर्ट में बताया गया कि कोहली ने बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से कहा था कि वो जल्‍द ही अपना फैसला सार्वजनिक करना चाहते हैं और सोमवार को टेस्‍ट संन्‍यास की घोषणा की। रिपोर्ट की मानें तो कोहली अपने परिवार के साथ ज्‍यादा समय बिताना चाहते हैं, जो उनके फैसले की प्रमुख वजह है।

ये भी पढ़ें :  मुंबई से क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे यशस्वी जायसवाल

पिछले एक साल में कोहली को अधिकांश अपनी पत्‍नी और बॉलीवुड एक्‍ट्रेस अनुष्‍का शर्मा व बच्‍चों के साथ इंग्‍लैड में समय बिताया है। BGT गंवाने के बाद बीसीसीआई ने निर्देश दिए कि परिवार के सदस्‍य खिलाड़‍ियों के साथ सीमित समय तक रुक सकते हैं। कोहली शायद इस फैसले से संतुष्‍ट नहीं थे।

विराट कोहली ने क्‍या कहा
कोहली ने आईपीएल 2025 के दौरान एक इवेंट में कहा था, 'लोगों को यह बता पाना मुश्किल है कि परिवार की भूमिका क्‍या है। यह बता पाना मुश्किल है कि जब बाहर कुछ बहुत बड़ा घटा हो और उसमें काफी ऊर्जा खर्च हुई हो, तब परिवार के पास लौटकर आने में क्‍या महसूस होता है।'

ये भी पढ़ें :  आज आईपीएल का दूसरा मैच सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा, कौन करेगा पहला वार?

उन्‍होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि लोगों में समझ है कि परिवार के रहने से क्‍या वैल्‍यू आती है। मैं अपने कमरे में अकेले बैठे नहीं रहना चाहता। मैं भी आम लोगों की तरह रहना चाहता हूं। अगर ऐसा नहीं हो पाता तो फिर आप अपने खेल को जिम्‍मेदारी समझकर खेलने लगते हो। कुछ बुरा तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन सच्‍चाई है कि आप अपना काम खत्‍म करके घर लौटना चाहते हो ताकि परिवार के साथ रहे और आम जिंदगी चलती रहे।'

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment