बिजली के उतार-चढ़ाव से बचाव: क्यों जरूरी है पूरे घर के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर

मनोरंजन और सुकून के लिए अधिकतर लोग अपने घरों में टीवी, फ्रिज, AC,कूलर आदि रखते हैं. कुल मिलाकर एक घर में बिजली से चलने वाले सामान की कीमत से कम 2-3 लाख रुपये होती है. ये सब कुछ एक झटके में खराब हो सकता है अगर आप अपने घर में वॉल्टेज कंट्रोल करने के लिए स्टेबलाइजर का यूज नहीं करते हैं.

आमतौर पर लोग AC आदि की सुरक्षा के लिए उसमें स्टेबलाइजर का यूज करते हैं. अगर आपके इलाके में बिजली फ्लकचुएट करती है तो पूरे घर के लिए एक वॉल्टेज स्टेबलाइज होना चाहिए.

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ईकॉमर्स मार्केट और स्थानीय मार्केट में कई स्टेबलाइजर मौजूद हैं, जो पूरे घर के लिए यूज किए जा सकते हैं. यूजर्स अपनी जरूरत के मुताबिक किलोवाट चुन सकते हैं. मार्केट में 5 KVA हेवी ड्यूटी स्टेबलाइजर को भी खरीदा जा सकता है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपये है.

मार्केट में 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक का स्टेबलाइजर मौजूद
घर के लिए स्टेबलाइजर अपनी जरूरत के हिसाब से चुनना चाहिए. मार्केट में 3 किलोवाट से लेकर 10 किलोवाट तक का स्टेबलाइजर आता है. अलग-अलग ब्रांड वारंटी भी देते हैं.

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बिजली का उतार-चढ़ावा क्या होता है?
बिजली विभाग या कंपनी द्वारा बिजली केबल पर एक लिमिट में पावर सप्लाई होती है और कई बार ओवर डिमांड होने पर या किसी खामी की वजह से बिजली में फ्लक्चुएशन देखने को मिलता है, जिसमें वॉल्टेज आउटपुट कम या ज्यादा हो जाता है.

वॉल्टेज स्टेबलाइजर कैसे काम करता है?
वॉल्टेज स्टेबलाइज, असल में खंबे से आने वाली बिजली को चेक करता है और फिर उसको आगे सप्लाई करता है. यह कम होते वॉल्टेज और बढ़ते वॉल्टेज को सेंस करता है, फिर स्टेबलाइजर के अंदर ट्रांसफॉर्मर और कंट्रोल सर्किट होते हैं जो वोल्टेज को बढ़ाते और घटाने का काम करते हैं.

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इसको उदाहरण के रूप में समझें तो अगर अगर घर में आने वाली पावर सप्लाई का वोल्टेज 150V तक गिर जाए तो स्टेबलाइजर उसको बढ़ाकर ~220V कर देगा. वहीं, अगर पावर सप्लाई में आने वाले वॉल्टेज 260V तक बढ़ जाए तो फिर स्टेबलाइजर उसे घटाकर ~220V कर देता है.

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