गुजरात: कांग्रेस का AAP संग गठबंधन से इनकार, अकेले लड़ेगी उपचुनाव

 विसावदर

गुजरात की राजनीति में उपचुनावों के मद्देनजर हलचल तेज है. एक ओर देशभर में INDIA गठबंधन की बात हो रही है, वहीं गुजरात में कांग्रेस ने अलग राह चुन ली है. अब न कोई गठबंधन, न साझा रणनीति — कांग्रेस ने तय कर लिया है कि वह विसावदर (Visavadar) और कड़ी (Kadi) विधानसभा उपचुनावों में अकेले ही मैदान में उतरेगी.

गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल (Shaktisinh Gohil) ने शुक्रवार (18 अप्रैल) को यह ऐलान किया. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने बात करते हुए साफ किया कि यह निर्णय पार्टी ने सर्वसम्मति से लिया है. उन्होंने कहा, "गुजरात की जनता ने कभी तीसरे मोर्चे को समर्थन नहीं दिया. यहां लड़ाई हमेशा कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही रही है."

ये भी पढ़ें :  महाराष्ट्र में हार के बाद कांग्रेस ने संगठन स्तर पर किया बदलाव, हर्षवर्धन सपकाल बनाए गए नए प्रदेश अध्यक्ष

AAP के साथ चुनाव लड़ने से नुकसान- गोहिल
गोहिल ने आप पर निशाना साधते हुए कहा, "पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत लगाई, बड़े नेता प्रचार में आए, लेकिन उन्हें महज 10 से 11 प्रतिशत वोट ही मिले. इससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा, और बीजेपी को फायदा हुआ."

उन्होंने आगे कहा, "अगर बीजेपी को हराना है तो कांग्रेस ही मुख्य विपक्ष है. हम AAP से अपील करते हैं कि वे विसावदर और कड़ी सीटों पर अपने उम्मीदवार वापस लें. कांग्रेस इन दोनों सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी."

ये भी पढ़ें :  कांग्रेस में अध्यक्षों की तलाश शुरू, बाहरियों को नहीं मिलेगी संगठन में जगह

राज्य स्तर पर अगल, लेकिन राष्ट्र स्तर पर एक है INDIA- गोहिल
हालांकि, गोहिल ने यह भी कहा कि यह निर्णय केवल राज्य स्तर तक सीमित है. "राष्ट्रीय स्तर पर हम INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और एकजुट हैं," उन्होंने कहा.

गुजरात की ये दोनों सीटें- विसावदर (जिला जूनागढ़) और कड़ी (जिला मेहसाणा, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित)- विभिन्न कारणों से रिक्त हुई हैं. विसावदर सीट दिसंबर 2023 में आम आदमी पार्टी के विधायक भूपेंद्र भयानी के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के कारण खाली हुई, जबकि कड़ी सीट फरवरी 2024 में बीजेपी विधायक कर्सन सोलंकी के निधन से खाली हो गई थी.

ये भी पढ़ें :  हर जिले में कांग्रेस को मजबूत करने की तैयारी, राहुल गांधी ने किया प्लान का खुलासा

उपचुनाव की तिथियों की घोषणा अभी चुनाव आयोग ने नहीं की है, लेकिन कांग्रेस ने पहले ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं. यह घटनाक्रम 8-9 अप्रैल को गुजरात में हुए कांग्रेस के AICC सत्र के बाद सामने आया है, जहां पार्टी ने आगामी चुनावों में जीत का संकल्प लिया था और सरदार पटेल व महात्मा गांधी की विरासत पर अपनी दावेदारी दोहराई थी.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment