दिल्ली-एनसीआर में भूकंप से फिर हिली धरती, अफगानिस्तान बॉर्डर पर था केंद्र

नई दिल्ली
अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में शनिवार दोपहर आए 5.8 तीव्रता के भूकंप से उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। कश्मीर घाटी और दिल्ली-एनसीआर में भी दोपहर करीब 12:17 बजे कंपन दर्ज किया गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन से 86 किलोमीटर नीचे थी और इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में स्थित था। यह इलाका पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है।

ये भी पढ़ें :  Russia Oil to India: जून में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा रूसी कच्चे तेल का आयात, बंदरगाहों पर टैंकरों की भरमार

कश्मीर घाटी में झटकों के बाद लोग अपने-अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। एक वायरल वीडियो में देखा गया कि श्रीनगर में एक इमारत से लोग तेजी से बाहर भागते नजर आए। इसी तरह दिल्ली-एनसीआर में भी कई लोगों ने कंपन महसूस होने की पुष्टि की और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

ये भी पढ़ें :  जयशंकर की अमेरिका यात्रा शुरू, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा पर मुख्य वार्ता

कोई जान-माल का नुकसान नहीं
अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव टीमों को सतर्क कर दिया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस गहराई पर आए भूकंप से व्यापक क्षति की संभावना कम होती है।

ये भी पढ़ें :  Breaking : पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने फिर दोहराई हिंदू राष्ट्र की मांग...इस बार दिया बड़ा बयान

इस इलाके में क्यों आते हैं भूकंप?
अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट्स के टकराव की वजह से भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय है। यहां नियमित अंतराल पर भूकंप आते रहते हैं। हाल के वर्षों में भी इस क्षेत्र में कई बार तीव्र झटके दर्ज किए जा चुके हैं।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment