पाकिस्तान में 13 साल की ईसाई लड़की का अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का आरोप

इस्लामाबाद
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बार-बार ऐसे मामले सामने आते हैं जहां अल्पसंख्यक समुदाय की मासूम बच्चियों का अपहरण कर उनके धर्म को जबरन बदल दिया जाता है और छोटी उम्र में ही जबरदस्ती शादी कर दी जाती है। एक बार फिर ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (HRFP) ने पाकिस्तान के साहिवाल जिले की तहसील चिचावतनी में 13 वर्षीय ईसाई लड़की सतीश मरियम के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन शादी पर गहरी चिंता जताई है।

11 जनवरी को दर्ज हुआ था मामला
रिपोर्ट के अनुसार, 11 जनवरी 2026 को पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 365-बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि सतीश मरियम का अपहरण 10 और 11 जनवरी की रात के बीच हुआ। उसके पिता दिहाड़ी मजदूर बशारत मसीह ने बताया कि स्थानीय लोगों ने अली हैदर गुलजार को कुछ अज्ञात साथियों के साथ नाबालिग लड़की को जबरन गाड़ी में ले जाते देखा था। बशारत मसीह ने एचआरएफपी टीम को बताया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है।

ये भी पढ़ें :  भाजपा छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी : अरुण साव

बताया गया कि यह घटना तब हुई जब सतीश की मां शाहनाज बीबी एड़ी में फ्रैक्चर के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थीं। परिवार के अनुसार, सतीश घर के काम के लिए बाहर गई थी, तभी उसे जबरन उठा लिया गया। कानून प्रवर्तन अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने और कराची में लड़की के होने के दावों के बावजूद, परिवार का आरोप है कि उसे ढूंढने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। 22 जनवरी 2026 को अपहरण के मामले को आगे बढ़ाने के लिए परिवार के घर में कई व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर घुसपैठ की गई, धमकियां दी गईं और उन्हें डराया-धमकाया गया, जिसके बाद दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। इसमें पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 452, 506, 148 और 149 के तहत घर में जबरन घुसने, आपराधिक धमकी और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े आरोप लगाए गए।

ये भी पढ़ें :  Chhattisgarh : महतारी वंदन योजना की पहली किश्त आज होगी जारी, पीएम मोदी वर्चुअली जारी करेंगे

लड़की ने कबूल कर लिया है इस्लाम
रिपोर्ट के अनुसार, मामला तब और गंभीर हो गया जब कथित अपहरणकर्ता ने दावा किया कि नाबालिग लड़की ने इस्लाम कबूल कर लिया है और शादी भी कर ली है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि सतीश के बयान दर्ज किए गए थे और 28 जनवरी को चिचावतनी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नूर मोहम्मद दोथर के समक्ष हुई अदालती सुनवाई में अपहरणकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया गया। इसमें माता-पिता को बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई और कानूनी जानकारी के बिना कार्यवाही की गई।

3 फरवरी 2026 को एचआरएफपी कार्यालय में बोलते हुए सतीश के माता-पिता ने न्याय की अपनी मांग दोहराई। सतीश की मां शाहनाज बीबी ने कहा कि वह घर पर अकेली है, स्वास्थ्य खराब होने के कारण बेटी की रक्षा नहीं कर पा रही है और लगातार मिल रही धमकियों से परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। माता-पिता का कहना है कि सतीश नाबालिग है, इसलिए कानूनी रूप से न तो विवाह की सहमति दे सकती है और न ही धर्म परिवर्तन कर सकती है।

ये भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता राजेश मूणत ने पुरी में संभाला मोर्चा,ओड़िशा में बनेगी डबल इंजन की सरकार: राजेश मूणत

सुरक्षा की मांग
ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान के अध्यक्ष नवीद वाल्टर ने अल्पसंख्यक नाबालिग लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और बाल विवाह से सुरक्षा, पीड़ित परिवारों द्वारा झेली जा रही धमकियों व उत्पीड़न, बिना पूर्ण पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व के कानूनी कार्यवाही तथा नाबालिग की सुरक्षा व कल्याण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। वहीं, एचआरएफपी अध्यक्ष नवीद वाल्टर ने सतीश मरियम के माता-पिता को उनके दौरे के दौरान आश्वासन दिया कि हम सतीश मरियम और उनके परिवार के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। हम संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, नाबालिग के अधिकारों की रक्षा करने और परिवार को उत्पीड़न व धमकियों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग करते हैं।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment