महिला सशक्तीकरण की नई पहचान: 25 लाख के ऋण की नींव पर निकिता ने खड़ा किया ईंट का कारोबार

महिला सशक्तीकरण की नई पहचान: 25 लाख के ऋण की नींव पर निकिता ने खड़ा किया ईंट का कारोबार

ईंट उद्योग से मिली सपनों को उड़ान, 25 लोगों को रोजगार देकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

योगी सरकार के विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को धरातल पर उतारा, सरकारी योजना के माध्यम से बनीं सफल उद्यमी 

लखनऊ
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर राज्य’ बनाने का संकल्प अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव में युवाओं और महिलाओं को नई पहचान दे रहीं हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल लखीमपुर खीरी की निकिता वर्मा हैं, जिन्होंने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया।

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लखीमपुर खीरी के ग्राम शाहपुर राजा की रहने वाली निकिता वर्मा ने सीमेंट की ईंटों के निर्माण का व्यवसाय शुरू किया, जो आज उनके लिए सफलता का आधार बन चुका है। निकिता ने सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना का लाभ लेते हुए 25 लाख रुपये का ऋण लिया। जिससे उन्होंने अपना उद्योग स्थापित किया। इनके प्लांट में हररोज लगभग 5 से 7 हजार ईंट तैयार होती हैं, जिसमें इनको प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये का मुनाफा होता है।  

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निकिता ने अपने उद्योग के माध्यम से 25 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। उनकी मासिक आय लगभग 1 लाख रुपये से अधिक है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास का भी एक मजबूत उदाहरण है। उनके इस प्रयास से गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। निकिता की कहानी केवल एक उद्यमी की सफलता नहीं, बल्कि नारी स्वावलंबन का सशक्त उदाहरण है। निकिता जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) भारत सरकार की एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म-उद्यम स्थापित करके स्वरोजगार के अवसर पैदा करती है। इसका संचालन प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा किया जाता है। ‘पीएमईजीपी योजना’ युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी सहायक साबित हो रही है। सरकार की यह पहल आज हजारों युवाओं के जीवन में बदलाव ला रही है।

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