पूजा सिंह की प्रेरक कहानी: उमरिया से आत्मनिर्भरता तक का सफर

भोपाल
उमरिया जिले के घंघरी ग्राम की पूजा सिंह ने अपनी वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी रची है। आज उनकी इकाई द्वारा निर्मित वस्त्र प्रदेश के विभिन्न जिलों तक जा रहे हैं। उनकी यह सफलता अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा बन रही है। पूजा सिंह ने इस सफलता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में मिले ऋण की मदद से साकार किया है।

सीमित संसाधनों के कारण लंबे समय तक स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में असमर्थ रहीं पूजा सिंह को जब मुद्रा योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बैंक में आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मुद्रा योजना के तहत 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने “हीरा फैब्रिक” नाम से अपनी वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित की। आज उनकी यूनिट में स्कूल ड्रेस, शर्ट, पैंट, ट्रैक सूट, टी-शर्ट और लोअर जैसे परिधानों का निर्माण किया जा रहा है। उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति के कारण उन्हें होशंगाबाद, सीधी, मैहर, सतना, कटनी, इटारसी और बुधनी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से निरंतर ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है और पहचान भी बन रही है।

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पूजा सिंह आज न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से मजबूत सहारा बनी हैं, बल्कि अपने उद्यम के माध्यम से 8 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। पूजा सिंह के पति धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि सही जानकारी और मार्गदर्शन मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुद्रा योजना ने उनके जीवन को नई दिशा और पहचान दी है।

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भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आज ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार को नई दिशा दे रही है। वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के सरल ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख) और तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख) श्रेणियों में ऋण प्रदान किया जाता है।

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