अब 2 मिनट में पहुंचेगी डायल 112, देरी होने पर भोपाल में अफसरों को मिलेगा अलर्ट

भोपाल 

मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में पुलिस की आपकालीन सेवा डायल- 112 में कुछ जिलों में रिस्पांस में देरी की शिकायतों के बाद व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। पुलिस रेडियो मुख्यालय द्वारा अब डायल-112 के आपातकालीन वाहनों के सिस्टम से जिले के जिम्मेदार पुलिस अफसरों को जोड़ा गया है।

यानी की अब डायल 112 में घटना की सूचना आने के बाद यदि वाहन दो मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए रवाना नहीं होता है तो सीधे एडिशनल एसपी के पास अलर्ट जाएगा। जिसमें वाहन नंबर और थाना क्षेत्र भी होगा। दरअसल इस व्यवस्था से पहले सभी जिलों के एसपी को जोड़ा गया था। लेकिन बाद में परिवर्तन करते हुए यह जिम्मेदारी एडिशनल एसपी को दी गई है।

2 मिनट के भीतर करना होगा पायलट को एनरूट
फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (एफआरवी) यानी डायल- 112 के पायलट के पास जैसे ही कोई इवेंट आता है तो सबसे पहले उसे एकनॉलेज करना होता है यानी की उसे इवेंट की जानकारी प्राप्त हो गई है। उसके बाद उसे घटनास्थल रवाना होने से पहले एनरूट करना होता है यानी की वो मौके के लिए रवाना हो गया है। अब इस प्रक्रिया को एफआरवी का पायलट 2 मिनट तक नहीं करते है तो सिस्टम सीनियर अधिकारियों को देरी का अलर्ट देने लगेगा।

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78 लाख लोगों ने मांगी 9 माह में मदद
डॉयल 112 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सिंतबर 2025 ले 26 मई 2026 तक यानी नौ माह में 78 लाख लोगों ने फोन कर आपातकालीन सेवा से मदद मांगी। जिसमें 21 लाख से ज्यादा जगहों पर एफआरवी वाहन मदद के लिए भेजे गए। जिसमें सबसे ज्यादा साइबर क्राइम, महिला अपराध से जुड़े है।

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रिस्पांस टाइम बढ़ने की शिकायतों के बाद बदलाव
पुलिस रेडियो मुख्यालय की मॉनिटरिंग में यह शिकायत लगातार सामने आ रही थी कि एफआरवी समय से कई जगहों पर मूवमेंट नहीं मूवमट कर रही है, जिस कारण रिस्पांस टाइम बढ़ रहा है। पड़ताल में पता चला कि पायलट गाड़ी खड़ी कर किसी अन्य काम में लग जाता था। जिस कारण इवेंट आने पर घटनास्थल पर पहुंचने में समय लगता था। खामी सामने आने के बाद सिस्टम में ही बदलाव कर दिया है।

सीएम ने दी थी सौगात
जानकारी के लिए बता दें कि एमपी में साल 2025 में एमपी पुलिस को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आधुनिक सुविधाओं और तकनीकों से लैस 1200 नई महिंद्रा स्कॉर्पियो और बोलोरो गाड़ियों की सौगात दी इसी के साथ पुलिस सहायता का नंबर भी डायल-100 के बजाए डायल-112 किया गया।

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यानी पुलिस सहायता के लिए आपको 112 पर कॉल करना होगा। कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और त्वरित बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया थी। बीते स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों को ये नए तकनीकी डायल-112 के वाहन सौंपे गए। इन अत्याधुनिक वाहनों के माध्यम से पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को कम करने और आमजन तक त्वरित सहायता पहुंचाने में उल्लेखनीय सुधार होने का दावा किया गया। इसी पर अब काम किया जा रहा है।

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