खंडवा में 200 एकड़ जंगल से हटाया अतिक्रमण, 30 JCB और 600 कर्मचारियों की बड़ी कार्रवाई

खंडवा 

खंडवा में सोमवार को आमाखुजरी जंगल की करीब 200 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमणकारियों ने यहां पेड़-झाड़ियां काटकर मक्के की फसल बोई थी। वन, राजस्व और पुलिस विभाग के 600 अधिकारी-कर्मचारी 30 जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई में जुटे, जो करीब 6 घंटे तक कार्रवाई चली।

गुड़ी वन परिक्षेत्र के आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमणकारियों ने झोपड़ियों तान दी है, बारिश के समय यहां बोवनी की तैयारी की जा रही थी।गश्त कर रही फ्लायंग स्क्वाड की टीम पर महिलाओं को आगे कर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया था।जिसमें आठ वनकर्मी बुरी तरह घायल हो गए थे।

अतिक्रमणकारियों के इस हमले के बाद पुलिस-प्रशासन सोमवार को हरकत में आया और बड़ी संख्या में फोर्स लेकर कलेक्टर-एसपी आमाखुजरी जंगल में पहुंचे है। 30 जेसीबी के माध्यम से सुबह से चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 70 प्रतिशत से ज्यादा अतिक्रमण हटाकर यहां से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा गया है। जंगल में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई जारी है।

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 किसी भी तरह के विरोध से निपटने के लिए 60 महिला पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहीं। टीम अपने साथ आंसू गैस लेकर पहुंची थी। जंगल में गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर झटका लगने से गैस का गोला फट गया। इसकी चपेट में कुछ पुलिसकर्मी आ गए। बाद में पेटी को खोलकर पूरी गैस बाहर की गई।

इस दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी अगम जैन, एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएफओ राकेश कुमार डामोर भी आमाखुजरी में रहे। इससे पहले रविवार को जंगल में बुआई रोकने गए 40 वनरक्षकों की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर दिया था। इसमें 8 कर्मचारी घायल हो गए थे।

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600 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी रहे तैनात
पुलिस-प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों द्वारा पेड़-झाड़ियां काटकर बोई गई मक्के की फसल को 30 जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। करीब छह घंटे तक चले अभियान में 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। अभियान के दौरान किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए 60 महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

आंसू गैस के गोले भी साथ लाए थे
सुरक्षा के मद्देनजर आंसू गैस के गोले भी साथ लाए गए थे, हालांकि जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते में झटका लगने से एक गैस गोला अनजाने में फट गया, जिसकी चपेट में कुछ पुलिसकर्मी आ गए। बाद में पेटी खोलकर शेष गैस बाहर निकाली गई। कार्रवाई के दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर और डीएफओ राकेश कुमार डामोर लगातार मौके पर मौजूद है।

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प्रशासन के अनुसार आमाखुजरी में दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही और अब तक लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। जंगल में अभी भी बड़ी संख्या में पुलिस और वन अमला तैनात है।

महिलाओं को आगे कर वन अमले पर बरसाए थे पत्थर

रविवार को आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर करीब 400 अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं को आगे कर गोफन से पत्थर फेंके। लाठियों से भी हमला किया। किसी वनकर्मी का सिर फूट गया तो किसी का कान कट गया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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