नगरीय निकायों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, कचरा फैलाने वालों पर लगायें जुर्माना – कलेक्टर

नगरीय निकायों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, कचरा फैलाने वालों पर लगायें जुर्माना – कलेक्टर

सभी संस्थानों, मैरिज गार्डन, होटलों से सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग संकलित किया जाय

कलेक्टर की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा बैठक सम्पन्न

शहडोल
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण तथा नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा शहरों और कस्बों में कहीं भी कचरे के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित सफाई, समयबद्ध कचरा संग्रहण एवं उसका वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। स्वच्छ एवं सुंदर शहर बनाने के लिए प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें।

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कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, बाजारों एवं अन्य जगहों पर कचरा फैलाने वाले व्यक्तियों, दुकानदारों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति सख्ती बरती जाए, ताकि आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़े और लोग नियमों का पालन करें।

बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के सभी शासकीय एवं निजी संस्थानों, कार्यालयों, मैरिज गार्डनों, होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशालाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य बड़े संस्थानों से सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग संकलित किया जाए। सभी संबंधित संस्थानों में दो डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण कराया जाए, जिससे उसके पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण में सुविधा हो।

उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा संचालित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा प्रत्येक घर, दुकान एवं प्रतिष्ठान से पृथक-पृथक सूखा एवं गीला कचरा संग्रहित किया जाए। कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों में भी दोनों प्रकार के कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों के प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की नियमित सफाई कराई जाए। नालियों की समय-समय पर सफाई, कचरा संग्रहण केंद्रों का उचित रखरखाव तथा कचरे के समय पर परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कहीं भी गंदगी की स्थिति निर्मित न हो।

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बैठक में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि आमजन, व्यापारी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यालयों एवं सामाजिक संगठनों को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। लोगों को सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग रखने, प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए।

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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सभी निर्धारित मानकों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक नगरीय निकाय में नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जहां भी कमियां पाई जाएं, उन्हें तत्काल दूर करते हुए स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल नगरीय वातावरण विकसित किया जाए।

बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए नगरीय निकायों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण श्री निशांत ठाकुर, मुख्यनगर पालिका अधिकारी बकहो एवं खांड़, एपीओ श्रीमती शुक्ला शहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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