आखिर फिर आंदोलन की राह पर क्यों है कॉकरोच जनता पार्टी? जानिए नई चेतावनी की वजह

नई दिल्ली

कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को खत्म हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन एक बार फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर पुलिस छात्रों को लगातार इसी तरह परेशान करती रही तो कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर अपना शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी। 

सीजेपी ने सरकार से क्या अपील की?
उन्होंने सरकार से अपील की है कि आंदोलनकारी छात्रों को किसी भी कीमत पर टारगेट न किया जाए. उनका उत्पीड़न तुरंत बंद होना चाहिए. जानकारी के लिए बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच हुई तीसरी वार्ता में कहा गया था कि केंद्र सरकार लिखित में आश्वासन देगी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं होगा और उन्हें भविष्य में भी परेशान नहीं किया जाएगा. लेकिन सीजेपी का दावा है कि अब तक उन्हें कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला है और इसके लिए तय समय-सीमा भी समाप्त हो चुकी है. ऐसे में, अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो एक बार फिर आंदोलन शुरू किया जा सकता है। 

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क्या किसी तरह की वादाखिलाफी हुई?
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष ने भी इस मामले पर खुलकर बयान दिया है. उनका कहना है कि केंद्र सरकार को समय पर अपने सभी वादे पूरे करने होंगे.सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ भविष्य में कोई कार्रवाई न हो.उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो देश की सड़कें एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठेंगी। 

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सीजेपी के सौरव दास ने इस बात पर भी जोर दिया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन जारी रखा जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह सरकार के आश्वान के खिलाफ होगा 

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
जानकारी के लिए बता दें कि दोबारा विरोध प्रदर्शन की चेतावनी के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 18 साल से कम किसी भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि 18 साल से कम उम्र के उन लोगों को तुरंत रिहा किया जाए, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर भी वापस ले ली गई हैं। 

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