लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे तेजी से उभरता विनिर्माण एवं निवेश केंद्र बनकर सामने आया है। उद्योग-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी एवं उत्तरदायी शासन, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक गलियारों और निवेशकों को समयबद्ध प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने प्रदेश को देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों की पहली पसंद बना दिया है। इसी विश्वास का परिणाम है कि एचसीएल-फॉक्सकॉन, अवाडा इलेक्ट्रो, एंबर एंटरप्राइजेज, एसएईएल सोलर, ओरियाना पावर, सीईएससी ग्रीन पावर, आईबी सोलर और एसेंट के सर्किट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने गौतम बुद्ध नगर में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने अथवा अपने निवेश का विस्तार करने का निर्णय लिया है। यह 8 बड़ी कंपनियां 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी। इन निवेशों से न केवल प्रदेश में 25 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
नीतियों ने बदली निवेश की तस्वीर

उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन (IIEP) नीति-2022, एफडीआई/एफसीआई एवं फॉर्च्यून-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 तथा सेमीकंडक्टर नीति-2024 ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। परियोजनाओं की आवश्यकता के अनुरूप विशेष प्रोत्साहन, तेज अनुमोदन प्रक्रिया और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण ने प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर भी नई पहचान दिलाई है। इन आठ परियोजनाओं में से छह को IIEP-2022 के तहत सहायता मिली है, जबकि एसेंट के सर्किट को एफडीआई नीति-2023 और एचसीएल-फॉक्सकॉन (इंडिया चिप प्रा लि) को सेमीकंडक्टर नीति-2024 के अंतर्गत प्रोत्साहन प्रदान किया गया है।
हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश
हरित ऊर्जा क्षेत्र में अवाडा इलेक्ट्रो लिमिटेड ने 16,139 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इस परियोजना से लगभग 7,400 नए रोजगार सृजित होंगे, जिससे उत्तर प्रदेश देश के नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में और मजबूत होगा। इसी क्षेत्र में एसएईएल सोलर प्राइवेट लिमिटेड ने 8,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ लगभग 7,760 रोजगार सृजित करने की योजना बनाई है। वहीं ओरियाना पावर लिमिटेड 4,500 करोड़ रुपये तथा सीईएससी ग्रीन पावर लिमिटेड 3,805 करोड़ रुपये का निवेश कर प्रदेश के हरित ऊर्जा इकोसिस्टम को नई ऊंचाई देंगे।
सेमीकंडक्टर और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को नई उड़ान
उत्तर प्रदेश अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि हाईटेक विनिर्माण का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। एचसीएल-फॉक्सकॉन (इंडिया चिप प्रा. लि.) सेमीकंडक्टर नीति के तहत 3,706 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिससे लगभग 3,000 नए रोजगार सृजित होंगे। इसी क्रम में एसेंट के सर्किट ने 3,250 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है, जो प्रदेश में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को और मजबूत करेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी तेजी
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में एंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड 3,232 करोड़ रुपये का निवेश कर अपने उत्पादन का विस्तार करेगी, जिससे लगभग 3,000 रोजगार मिलेंगे। वहीं आईबी सोलर का 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करीब 3,200 नए रोजगार सृजित करेगा। ये निवेश केवल नई औद्योगिक परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नीतियों, सुशासन, पारदर्शिता और दीर्घकालिक विकास क्षमता पर उद्योग जगत के गहरे विश्वास का प्रतीक हैं। आधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स, कुशल मानव संसाधन और निवेशक-अनुकूल प्रशासन के बल पर उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी विनिर्माण हब बन रहा है। इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक गति प्राप्त होगी।
