सरगुजा एकलव्य मामले पर मुख्यमंत्री हुए सख्त: जिला कलेक्टर से की फोन पर सीधी बात

सरगुजा एकलव्य मामले पर मुख्यमंत्री हुए सख्त: जिला  कलेक्टर से की फोन पर सीधी बात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए जांच के निर्देश, कहा – बच्चियों को अपनी समस्या बताने के लिए पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं

जिम्मेदारी तय कर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

विद्यालय की बिजली, पढ़ाई, मेस सहित सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के दिए निर्देश

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट के लिए निकलने की घटना को गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में लंबे समय से समस्याएं बने रहने और छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए इस तरह पैदल निकलने की स्थिति उत्पन्न होने पर कड़ी नाराजगी जताई।

ये भी पढ़ें :  एचपीवी वैक्सीन का एक टीका बेटियों को बचाएगा सर्वाइकल कैंसर से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर से कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह स्थिति किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित अन्य समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने छात्राओं द्वारा सामने लाई गई बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस तथा साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे छात्राओं की समस्याएं विद्यालय एवं छात्रावास स्तर पर ही समय पर सुनी और दूर की जा सकें।

ये भी पढ़ें :  8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, बढ़ी अहम डेडलाइन; कर्मचारियों की बढ़ीं उम्मीदें

मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों को किसी परेशानी के समाधान के लिए प्रशासन तक स्वयं पहुंचने की ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। बच्चों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेना तथा समय पर उनका समाधान करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन संसाधनों और योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही ढंग से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। शासन की मंशा स्पष्ट है कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले।

ये भी पढ़ें :  रायपुर : लोकल फॉर वोकल एवं स्वावलंबी भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बच्चे हम पर विश्वास करके आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को भी संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसका समयबद्ध समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने जिला प्रशासन को छात्राओं से संवाद बनाए रखने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधारों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment