फरार CSP नेहा पच्चीसिया ने HC में लगाई FIR रद्द करने की याचिका, 2 नाबालिग बच्चों का दिया हवाला

जबलपुर
 जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग मामले को लेकर फरार चर्चित कटनी नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया का मामला हाईकोर्ट में है. नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. जिसमें उन्होंने दो नाबालिग बच्चों की मां होने का हवाला दिया है. सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब का इंतजार करने की बात कही है. साथ ही अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की है। 

दो नाबालिग बच्चों की मां होने का दिया हवाला
गुरुवार यानि 17 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर नेहा पच्चीसिया के अधिवक्ता प्रियंक अग्रवाल ने बताया कि "याचिकाकर्ता नेहा पच्चीसिया की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाया गया है. कोई साक्ष्य नहीं होने के बाद भी उन्हें आरोपी बनाया गया है. याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से आवेदन प्रस्तुत कर एफआईआर को रद्द करने और अग्रिम जमानत मांगी गई थी. आवेदन में कहा गया था कि वह दो नाबालिग बच्चों की मां हैं और उनकी देखभाल और पालन-पोषण की पूरी ज़िम्मेदारी उन्हीं पर है। 

ये भी पढ़ें :  सबसे सस्ती बिजली बनाने में मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सरकार की तरफ से कहा गया देश से बाहर जा सकती हैं नेहा
वहीं मामले में सरकार की तरफ से याचिका का विरोध जताया गया. सरकार की तरफ से कहा गया कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं. नेहा पच्चीसिया देश से बाहर जा सकती हैं, इसलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की कार्रवाई की जा रही है. इस दौरान शिकायतकर्ता के अधिवक्ता के रूप मौजूद रहे अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता सहयोग न करने का दबाव बना रही है. उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से हलफनामा पेश नहीं किया गया है. जिस पर एकलपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में न्यायालय के सामने पेश होते समय अधिक सावधानी बरते। 

ये भी पढ़ें :  ग्वालियर :चंबल नदी और कोतवाल बांध से ग्वालियर तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू

एकलपीठ ने बुधवार को आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने गुरुवार को आदेश जारी किया. बता दें हाईकोर्ट जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई की. जहां उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि अंतरिम और अंतिम राहत की मांग पर विचार करने से पहले राज्य के जवाब का इंतजार करना सही होगा. एकलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की है। 

जमीन सौदेबाजी मामले में आरोपी हैं नेहा पच्चीसिया
गौरतलब है कि कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधडी सहित अन्य धाराओं में तहत प्रकरण दर्ज किया गया था. कटनी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. उन पर आरोप था कि कुठला थाना अंतर्गत हत्या के अपराध में निर्धारित समय अवधि में चालान पेश नहीं करने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल गया था। 

ये भी पढ़ें :  उज्जैन-मक्सी रोड फोरलेन में बदलेगा 704 करोड़ रुपये की आएगी लागत

1 करोड़ की जमीन को 15-20 लाख में खरीदने का आरोप
इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है. जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी. जबकि उनके बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपए थे. उसके बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी. जिसके बाद 1 करोड़ रुपए की जमीन को महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गयी थी. विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जिला न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत आवेदन खारिज किए जाने के कारण उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment