राजस्थान में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, 5 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी

जयपुर
राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण एवं तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में  ‘संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के 10 राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जोधपुर, अजमेर, कोटा, अलवर, भरतपुर, सीकर, बीकानेर, जयपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जयपुर एवं कोटा के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की तकनीकी शाखाओं, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट, नवाचारों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, भविष्य की कार्ययोजना एवं प्रमुख चुनौतियों पर प्रस्तुतीकरण दिया।

मुख्य सचिव ने राजस्थान को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इन महाविद्यालयों को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश के साथ तकनीकी शिक्षा एवं कुशल कार्मिकों के रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। उद्योगों में कुशल तकनीकी कार्मिकों एवं ब्लू-कॉलर वर्कफोर्स की मांग निरंतर बनी रहेगी, ऐसे में पॉलिटेक्निक शिक्षा को उद्योगों की मांग के अनुरूप उन्नत करना होगा।

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मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप इन महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम को अपडेट करने के साथ ही फैकल्टी के कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट और बेहतर वेतन पैकेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा संस्थानों एवं उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए नियमित रूप से वर्कशॉप, फील्ड विजिट एवं तकनीकी संवाद आयोजित किए जाएं। संस्थानों में वर्कशॉप, सेमिनार एवं नवीन तकनीकों पर विशेष सत्रों का निरंतर आयोजन होना चाहिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं उद्योगों की कार्यप्रणाली समझने के अवसर मिल सकें।

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मुख्य सचिव ने पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीच सहभागिता बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी कार्यक्रमों में आपसी सहयोग को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में कम से कम पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए सरकारी उपक्रमों (पीएसयू) से समन्वय स्थापित कर उनके सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।

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अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 68 राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय संचालित हैं। राज्य सरकार द्वारा इन संस्थानों में विद्यार्थियों के प्रवेश की संख्या बढ़ाने तथा इनके संचालन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में जयपुर में 3 एवं जोधपुर में 1 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं तथा जोधपुर एवं बीकानेर में एक-एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।

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