करवा चौथ 2026: व्रत के दौरान न करें ये 5 गलतियां, जानें चंद्र दर्शन और पूजा से जुड़े जरूरी नियम

Karwa Chauth 2026: इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा. इस दिन सुहागनें पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं. यह व्रत शाम को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही खोला जाता है. इस व्रत में अक्सर नई-नवेली सुहागनें ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जिनसे व्रत खंडित हो जाता है. आइए जानते हैं कि इस व्रत में सुहागन महिलाओं को कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

1. चंद्रोदय से पहले व्रत खोलना
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ पूरे दिन व्रत रखती हैं. फिर शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है. अक्सर लोग जल्दबाजी में चांद निकलने से पहले व्रत खोल लेते हैं. ऐसा करना ठीक नहीं है. इस व्रत को चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है.

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2. व्रत में जल या भोजन ग्रहण करना
करवा चौथ का व्रत निर्जला रखने की परंपरा है. इसमें महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक अन्न और जल ग्रहण नहीं करती हैं. हालांकि, व्रत रखने की परंपराएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं. व्रत शुरू करने से पहले सरगी ग्रहण की जाती है और इसके बाद चंद्रमा की पूजा करके व्रत खोला जाता है.

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3. लहसुन-प्याज या तामसिक चीजों का सेवन
करवा चौथ के दिन घर में सात्विक भोजन बनाने की परंपरा है. इस दिन घर में लहसुन-प्याज का सेवन भी वर्जित है. इसलिए व्रत रखने वाले व्यक्ति के साथ परिवार के दूसरे सदस्य भी सात्विकता का विशेष ख्याल रखें.

4. वैचारिक अशुद्धता
करवा चौथ के व्रत का मतलब सिर्फ भूखे-प्यासे रहना नहीं है. इस दिन किसी का अपमान करने या किसी को अपशब्द बोलने से भी बचना चाहिए. इस दिन झूठ, क्रोध, द्वेष और ईर्ष्या जैसा भाव मन में बिल्कुल न आने दें.

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5. वस्त्र और श्रृंगार
करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन सुहागनों को काले या सफेद वस्त्र बिल्कुल नहीं पहनने चाहिए. इस दिन लाल या पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इसके बाद सोलह श्रृंगार भी किया जाता है. इसमें भी महिलाओं को मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी और मंगलसूत्र का विशेष रूप से शामिल करना चाहिए.

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