दीपावली से पहले भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल, शहर में कचरे का ढेर

भोपाल 
 दीपावली की तैयारियों के बीच राजधानी भोपाल में सफाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। वेतन बढ़ाने और स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर नगर निगम के सफाईकर्मियों ने बुधवार को काम बंद कर दिया। हड़ताल का असर अब शहर की सड़कों और बाजारों में दिखाई देने लगा है। न्यू मार्केट समेत कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से जगह-जगह गंदगी फैलने लगी है। त्योहार से ठीक पहले सफाई व्यवस्था ठप होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के कई हिस्सों में कचरा जमा होने की स्थिति बन गई है। बाजारों में पहले से ही दीपावली की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ रही है। ऐसे में कचरा नहीं उठने से दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर हड़ताल लंबी चली तो दीपावली के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था और बिगड़ सकती है।

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मांगें नहीं मानीं तो दीपावली पर भी नहीं उठेगा कचरा
सफाईकर्मियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। जरूरत पड़ी तो दीपावली पर भी कचरा नहीं उठाया जाएगा। इससे त्योहार के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के अनुसार, संगठन ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया है। बुधवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रमुख सचिव मनोज दुबे से मुलाकात प्रस्तावित है। बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो कर्मचारी आंदोलन जारी रखेंगे।

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मंगलवार को सड़क पर बैठकर लगाया था जाम
हड़ताल से पहले मंगलवार को सफाईकर्मियों ने भोपाल में प्रदर्शन किया था। जहांगीराबाद चौराहे पर जाम लगाकर कर्मचारी सड़क पर बैठ गए थे। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने के लिए वे पहुंचे थे, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास के घेराव की रणनीति बनाई, लेकिन पुलिस ने बेरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। करीब दो घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन के बाद कर्मचारी शाहजहांनी पार्क पहुंचे और रात में भी धरने पर डटे रहे। 

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वेतन बढ़ाने और नियमित करने की मांग
सफाईकर्मियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, स्थायी नियुक्ति और अन्य लंबित मांगों का निराकरण शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। अब कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। बुधवार को सरकार के साथ होने वाली बातचीत से तय होगा कि शहर की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी। 

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