दिव्यांगजन की सलाह से बनाया जाएगा “सुगम वातावरण”

भोपाल
दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनोमाघरों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए। इस निर्णय में उनकी सलाह महत्वपूर्ण होगी। इसके लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजन की "सुगम्य यात्रा" का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।

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प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में "सुगम्य यात्रा" निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांगजन को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमा घरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत को देखेंगे। इन स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा, जो भविष्य में इस वर्ग के लिये अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायक होगी। यात्रा के फोटो "यस टू एक्सेस" एप पर अपलोड कर सकेंगे।

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प्रमुख सचिव ने बताया कि यह सुगम्य यात्राएं प्रत्येक जिले में 2-4 दिन तक आयोजित की जायेगी। यात्राओं पर होने वाले व्यय सीआरएस फंड या एजीपी सब स्कीम से करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिये गये हैं।

 

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