AI दिग्गजों की जंग नहीं थमी, पीएम मोदी की मौजूदगी में भी हाथ मिलाने से इनकार

नई दिल्ली
नई दिल्ली में आयोजित की जा रही एआई समिट की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। एआई के क्षेत्र के तमाम दिग्गज इस समय भारत में मौजूद है। पीएम मोदी समेत इन नेताओं और एआई दिग्गजों में भारत मंडपम के मंच पर एक साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवाई, लेकिन इसी फोटो को खिंचवाते समय कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा। दरअसल, सत्र के अंत में पीएम मोदी ने पारंपरिक फोटो सेशन के लिए सभी दिग्गजों को एक साथ मंच पर बुलाया। इस दौरान ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई पास में खड़े हुए थे, पीएम मोदी ने जैसे ही सभी को आपस में हाथ पकड़कर फोटो खिंचवाने की कोशिश की। इन दोनों ने आपस में हाथ नहीं मिलाया और बिना पकड़े ही हाथ खड़े कर दिए।

ये भी पढ़ें :  अगले महीने भारत दौरे पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

एआई के क्षेत्र में प्रतिद्वंदिता की वजह से व्यवहार
सैम ऑल्टमैन और डारियो के बीच हुए एक व्यवहार की वजह से दुनिया की नजर एआई के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिद्वंदिता के ऊपर भी पड़ी है। दरअसल, एंथ्रोपिक की स्थापना ओपन एआई के ही पूर्व अधिकारियों द्वारा 2021 में की गई थी। जिनमें डारियो अमोदेई भी शामिल थे, जो पहले ओपनएआई के रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे। ऐसे में दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं। एंथ्रोपिक के आने के बाद से दोनों के बीच बातचीत तो होती है, लेकिन साथ ही एक प्रतिद्वंदी की भावना भी है।

ये भी पढ़ें :  Creta लवर्स के लिए झटका: हुंडई ने चुपचाप बंद किए 2 लोकप्रिय वैरिएंट, ADAS महंगा हुआ

दोनों ही पक्ष एक-दूसरे को अपना कड़ा प्रतिद्वंदी मानते हैं। सैम ऑल्टमैन को जहां ओपन एआई और चैटजीपीटी के लिए जाना जाता है, तो वहीं एंथ्रोपिक को क्लॉड के लिए जाना जाता है। एआई के क्षेत्र में दोनों टेक्नोलॉजी और मार्केट रणनीति को लेकर बार-बार आपस में उलझे हुए नजर आते हैं। इसी वजह से एआई इम्पैक्ट समिट में भी इन दोनों का आपस में हाथ न मिलाना भी एक कंपटीशन के तौर पर ही देखा गया है।

एआई को लेकर भी सैम और डारियो के मतभेद हैं। उदाहरण के तौर पर सैम एआई मॉडल पर विज्ञापन दिखाने के पक्षधर हैं, तो वहीं डारियो इसके सख्त खिलाफ हैं। इसके अलावा एंथ्रोपिक खुद को एक सुरक्षा-केंद्रित एआई प्रयोगशाला के रूप में स्थापित करती है, जो अपने क्लाउड मॉडल परिवार के माध्यम से समन्वय और जिम्मेदार विकास पर जोर देती है। जबकि ओपनएआई सुरक्षा अनुसंधान के साथ-साथ तेजी से उत्पाद विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। इसी वजह से उसने चैटजीपीटी जैसे तमाम एआई उपकरणों को बड़े पैमाने पर बाजार में उतारा है। हालांकि दोनों के बीच में कोई आधिकारिक विवाद तो नहीं है, लेकिन एक ही फील्ड में होने की वजह से दोनों पक्षों की तरफ से लगातार एक-दूसरे के विरुद्ध रणनीतियां बनाई जाती रहती हैं।

ये भी पढ़ें :  AQI 497 पर दिल्ली बेहाल, एक्सपर्ट बोले– ग्रैप-4 से नहीं थमेगा ज़हर, सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment