उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, बिना ग्राहक की सहमति के नहीं लगाया जा सकता स्मार्ट मीटर

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक उपभोक्ता को उपभोक्ता आयोग से बड़ी राहत मिली है। बस्ती जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा, सदस्य अजय प्रकाश सिंह की पीठ ने विद्युत विभाग के एक मामले में आदेश देते हुए कहा है कि बिना उपभोक्ता की सहमति से स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता है। न्यायाधीश ने मैनेजिंग डायरेक्टर उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन को पत्र लिख कर उपभोक्ता आयोग में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा है।

न्यायालय के समक्ष रामगोपाल बनाम उपखंड अधिकारी विद्युत का मामला सुनवाई के लिए प्रस्तुत हुआ। इस मामले में परिवाद दाखिल करते समय ही रामगोपाल की तरफ से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 38 उप धारा 8 के तहत स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया था। आयोग ने अपने शक्तियों का प्रयोग कर स्थगन आदेश जारी किया था। दौरान मुकदमा उपभोक्ता का कनेक्शन न काटे जाने का भी आदेश दिया गया था। परंतु 27 मार्च को मनमाने तरीके से कनेक्शन काट दिया गया। अदालत में उपस्थित होकर विद्युत विभाग की तरफ से कहा गया कि परिवादी के घर पर स्मार्ट मीटर लगाया गया था। बैलेंस नहीं होने पर स्मार्ट मीटर में बिजली स्वतः कट जाती है।

ये भी पढ़ें :  शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR दर्ज करने का कोर्ट का आदेश

तीन दिनों में कनेक्शन जोड़कर कोर्ट को सूचित करने का आदेश
न्यायालय ने दोनों पक्ष की सुनने के बाद कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47 की उप धारा 5 में जो व्यवस्था दी गई है। उसके अनुसार उपभोक्ता की सहमति के बिना उसके परिसर में स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता है। आयोग ने तीन दिनों में विद्युत कनेक्शन जोड़कर अदालत को सूचित करने का आदेश दिया है।

ये भी पढ़ें :  वाराणसी में महिला ने कपड़ा शोरूम से 10 हजार के लेडीज अंडरगारमेंट्स चोरी किए, दुकानदार ने CCTV पुलिस को सौंपा

सोमवार को नियामक ने प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं का जारी किया था गाइडलाइन
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने सोमवार को कानपुर में महत्वपूर्ण गाइडलाइन की है। नियामक आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है, लेकिन मीटर को प्रीपेड करने से पहले उपभोक्ता की सहमति जरूरी है। आयोग ने यह भी कहा है कि अगर उपभोक्ता प्रीपेड मीटर नहीं लगवाना चाहता है तो उसका स्मार्ट मीटर पोस्टपेड ही रहने दिया जाए। इसके लिए उन्होंने भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के मीटरिंग रेग्युलेशन में एक अप्रैल 2026 को हुए संशोधन का हवाला दिया। नियामक आयोग सोमवार को बृजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित द स्पोर्ट्स हब (टीएसएच) में बिजली कंपनियों की टैरिफ दरों में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर जनसुनवाई कर रहा था। आयोग ने कहा कि सभी डिस्कॉम की जनसुनवाई पूरी होने के बाद दरों में बदलाव के प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा।

ये भी पढ़ें :  गाजियाबाद में बढ़ा आवारा कुत्तों का खतरा, हर दिन 400 लोग ले रहे रेबीज का टीका

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment